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राग-संवेदन / 2 [कविता] - डॉ महेन्द्र भटनागर

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 डा. महेंद्र भटनागर रचनाकार परिचय:-


डा. महेंद्रभटनागर
सर्जना-भवन, 110 बलवन्तनगर, गांधी रोड, ग्वालियर -- 474 002 [म. प्र.]

फ़ोन : 0751-4092908 / मो. 98 934 09793
E-Mail : drmahendra02@gmail.com
drmahendrabh@rediffmail.com




तुम -
बजाओ साज़ दिल का,
जिदगी का गीत
मैं - गाऊँ!
उम्र यों ढलती रहे,
उर में
धड़कती साँस यह चलती रहे!
दोनों हृदय में
स्नेह की बाती लहर बलती रहे!
जीवन्त प्राणों में परस्पर
भावना-संवेदना पलती रहे!
तुम -
सुनाओ इक कहानी प्यार की मोहक,
सुन जिसे
मैं - चैन से कुछ क्षण कि सो जाऊँ!
दर्द सारा भूल कर
मधु-स्वप्न में
बेपिफ़क्र खो जाऊँ!
तुम -
बहाओ प्यार-जल की
छलछलाती धार,
चरणों पर तुम्हारे
स्वर्ग-वैभव
मैं - झुका लाऊँ!




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