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 डा. महेंद्र भटनागर रचनाकार परिचय:-


डा. महेंद्रभटनागर
सर्जना-भवन, 110 बलवन्तनगर, गांधी रोड, ग्वालियर -- 474 002 [म. प्र.]

फ़ोन : 0751-4092908 / मो. 98 934 09793
E-Mail : drmahendra02@gmail.com
drmahendrabh@rediffmail.com



किसी मधु-गन्धिका के
प्यार की ऊष्मा-किरण
मुझको
छुए तो-
मोम हूँ!
किसी मुग्धा
चकोरी के
अबोध
अधीर
भटके
दो नयन
मुझ पर
पड़ें तो-
सोम हूँ!



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8 comments:

  1. बिसुरी बदरी जो सब कुछ भूल कर कोई पनाह चाहे तो व्योम हुँ

    जवाब देंहटाएं
  2. भटनाकर जी आपकी यह छोटी सी कविता अपने ह्रदय में बहुत बङे अर्थ संजोए हुए है
    बहुत ही अच्छी कविता

    जवाब देंहटाएं
  3. भटनाकर जी आपकी यह छोटी सी कविता बहुत ही सुन्दर है

    जवाब देंहटाएं
  4. Thank you for this information, it is very useful for all. Get the best How to Meditate

    जवाब देंहटाएं

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