'प्रेम रंजन अनिमेष' की 'गज़लें'
प्राण शर्मा की दो ग़ज़लें
देवमणि पाण्डेय की गज़ल
नीरज गोस्वामी की कुछ ग़ज़लें
[ग़ज़ल] - - हिमकर श्याम
[विरासत] - "दुष्यंत कुमार की गज़लें"
चुनावों के मौसम जो आने लगे हैं [ग़ज़ल] - आनंद पाठक
धुआँ ही धुआँ [ग़ज़ल] - देवी नागरानी
खेल [ग़ज़ल] - गौरव शुक्ला
तुम्हारे नाम [ग़ज़ल] - खुर्शीद हयात
बाकी न तेरी याद की परछाइयां रहीं [ग़ज़ल] - देवी नागरानी
बाकी नब्बे किसके घर जाते [ग़ज़ल] - प्रभुदयाल श्रीवास्तव
याद की बज़्म सजी दिल में सितारों की तरह [ग़ज़ल] - देवी नागरानी
चाहने वाले उसके बुढ़ा जाएंगे [काव्य] -डॉ० डंडा लखनवी
सब्र को हमारे मिले कभी सौगात भी [ग़ज़ल] - हिमकर श्याम
अपना मुक़द्दर हो गया [ग़ज़ल] - देवमणि पांडेय
आबो हवा बेकार है [ग़ज़ल] - शक्ति प्रकाश
राज़ दिल में छिपाए है वो किस क़दर [ग़ज़ल] - देवी नागरानी
मुस्कानों में जहर को देखा [ग़ज़ल] - श्यामल सुमन
आज फ़िर जीने की ख्वाहिश जागी है [ग़ज़ल] - दिवाकर ए. पी. पाल

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