कोमल कोमल पंखो वाली
नभ को देखो छूने वाली
रंगीनी बरसाने वाली
प्यारी तितली आई है
एक संदेशा लाई है

हिन्दु मुस्लिम सिख ईसाई
आपस मे है भाई- भाई
सब संग मिलकर रहा करो
प्यार सभी से किया करो
सदाचार अपनाओ तुम
भूलों को राह दिखाओ तुम

हो भविष्य कल का तुम
सच्चाई को अपनाओ
जैसे रंग- बिरंगे पंख
उस तितली से बन जाओ॥

16 comments:

  1. तितली नें हमेशा ही बच्चों को आकर्षित किया है, इस कडी में यह रचना भी बच्चे अवश्य पसंद करेंगे। रचना जी बधाई स्वीकारें।

    उत्तर देंहटाएं
  2. पंकज तिवारी27 सितंबर 2008 को 1:37 pm

    कविता की कविता और संदेश का संदेश।

    उत्तर देंहटाएं
  3. रचना जी,

    बच्चों के लिये लिखना असाधारण काम है। आपने अच्छे और सहज शब्दों का चयन किया है किसने संदेशप्रद होने के बाद भी रोचकता बनी हुई है।

    हो भविष्य कल का तुम
    सच्चाई को अपनाओ
    जैसे रंग- बिरंगे पंख
    उस तितली से बन जाओ॥

    बहुत खूब!!

    ***राजीव रंजन प्रसाद

    उत्तर देंहटाएं
  4. रचना जी,
    बहुत प्यारी बाल कविता है. बचों की कल्पना आप खूब पहचानती हैं. सुंदर प्रस्तुति के लिए बधाई.

    उत्तर देंहटाएं
  5. तितली पर यूँ तो बहुत सारी कविताएँ लिखी गयी हैं, पर उनमें से कुछ ही सार्थक हैं। आपकी कविता में एक नया तेवर है, एक नयी सोच है। ये पंक्तियाँ बहुत ही अच्छी लगीं-

    हो भविष्य कल का तुम
    सच्चाई को अपनाओ
    जैसे रंग- बिरंगे पंख
    उस तितली से बन जाओ॥

    बधाई।

    उत्तर देंहटाएं
  6. बच्चों के लियें सोचना भर सुन्दरता दे जाता है
    उस पर ये तो उनके लियें लिखी गयी रचना है.......बहुत सुंदर....


    स-स्नेह
    गीता पंडित

    उत्तर देंहटाएं
  7. रचना के सागर में से
    बाल कविता तलाश कर
    तितली बनाकर बच्‍चों के
    माफिक चंचल मन मोहा

    उत्तर देंहटाएं
  8. सुंदर तितली, सुंदर कविता
    जिसमें सुंदर शिक्षा है
    रचना की अगली रचना की
    बच्चों को भी प्रतीक्षा है...

    उत्तर देंहटाएं
  9. अच्छी बाल-रचना है रचना जी!

    बधाई स्वीकारें।

    उत्तर देंहटाएं
  10. तितली के माध्यम से सुन्दर संदेश। बहुत ही सुन्दर कविता।

    उत्तर देंहटाएं

आपका स्नेह और प्रस्तुतियों पर आपकी समालोचनात्मक टिप्पणियाँ हमें बेहतर कार्य करने की प्रेरणा प्रदान करती हैं.

पुस्तकालय

~~~ साहित्य शिल्पी का पुस्तकालय निरंतर समृद्ध हो रहा है। इन्हें आप हमारी साईट से सीधे डाउनलोड कर के पढ सकते हैं ~~~~~~~

डाउनलोड करने के लिए चित्र पर क्लिक करें...

आइये कारवां बनायें...

साहित्य शिल्पी, हिन्दी और साहित्य की सेवा का मंच, एक ऐसा अभियान.. जो न केवल स्थापित एवं नवीन रचनाकारों के बीच एक सेतु का कार्य करेगा अपितु अंतर्जाल पर हिन्दी के प्रयोग और प्रोत्साहन का एक अभिनव सोपान भी है, अपने सुधी पाठको के समक्ष कविता, कहानी, लघुकथा, नाटक, व्यंग्य, कार्टून, समालोचना तथा सामयिक विषयो पर परिचर्चाओं के साथ साहित्य शिल्पी समूह आपके समक्ष उपस्थित है। यदि राष्ट्रभाषा हिदी की प्रगति के लिए समर्पित इस अभियान में आप भी सहयोग देना चाहते हैं तो अपना परिचय, तस्वीर एवं कुछ रचनायें हमें निम्नलिखित ई-मेल पते पर प्रेषित करें।
sahityashilpi@gmail.com
आइये कारवां बनायें...

Followers

Google+ Followers

Get widget