
सूरज चाचा आते हैं
रोज सवेरा लाते हैं
किरणों को फैलाते हैं
दुनियाँ को चमकाते हैं
अंधियारा दूर भगाते हैं
धरती को जीवन देते हैं
उर्जा का स्त्रोत बहाते हैं
सबके मन को भाते हैं
संदेशा मुझे सुनाते हैं
बच्चों जब तुम बडे बनोगे
बडे बडे कुछ काम करोगे
जग में रौशन नाम करोगे
सबके प्यारे बन जाओगे
दिल में उनके बस जाओगे
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13 comments:
liked poem.thanks
Alok Kataria
बहुत अच्छी बाल कविता, बधाई।
जग में रौशन नाम करोगे
सबके प्यारे बन जाओगे
दिल में उनके बस जाओगे
बच्चे अवश्य पसंद करेंगे।
सुंदर बाल कविता है. बधाई!
संदेशा मुझे सुनाते हैं
बच्चों जब तुम बडे बनोगे
बडे बडे कुछ काम करोगे
जग में रौशन नाम करोगे
सबके प्यारे बन जाओगे
दिल में उनके बस जाओगे
आपका संदेश बच्चों तक पहुँच कर उन्हे लाभांवित करेगा, एक अच्छी कविता की बधाई।
आजकल बच्चे बड़े होने से पहले ही बड़े बड़े काम करने लगे हैं. हमें उनकी मासूमियत को बचाये रखने की भी ज़रूरत है.
बहुत उम्दा!!
आपको एवं आपके परिवार को दीपावली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाऐं.
बहुत ही अच्छी कविता.. बचपन की याद दिला दी जब हम भी एसी कविता पढते थे... बधाई
बहुत अच्छी बाल कविता, एक सुन्दर संदेश के साथ। दीप-पर्व की शुभकामनायें।
***राजीव रंजन प्रसाद
संदेशा मुझे सुनाते हैं
बच्चों जब तुम बडे बनोगे
बडे बडे कुछ काम करोगे
जग में रौशन नाम करोगे
सबके प्यारे बन जाओगे
दिल में उनके बस जाओगे
सुषमाजी आप बाल साहित्य बहुत अच्छा लिखती हैं. सुंदर कविता के लिए बधाई.
प्रभावी बाल कविता, बधाई।
बाल सुलभ प्रभावी रचना.. एक संदेश देती हुई..
दिपावली की शुभकामनायें
मासूम सुंदर सी बाल रचना
प्रवीण पंडित
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