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गुरुवार, १५ जनवरी २००९

धरा पर अँधेरा बहुत छा रहा है [अनहद गीत - रीना कपिल का संगीत संयोजन] - स्वर शिल्पी

जी.बी.एन विद्यालय 21-डी, फरीदाबाद के सौजन्य से बच्चों की मधुर आवाज़ में "अनहद गीत" नामक संग्रह के दो गीत हम साहित्य शिल्पी पर पहले प्रस्तुत कर चुके हैं। इन सभी गीतों के लिये संगीत संयोजन किया है प्रतिभावान संगीतकार रीना कपिल ने।


इसी क्रम में आज आइये सुनें "अनहद गीत" की तीसरी प्रस्तुति "धरा पर अँधेरा बहुत छा रहा है..." :




या ये प्लेयर ट्राई करें:

11 comments:

राजीव तनेजा २३ नवम्बर २००९ ६:५१ PM  

बहुत ही बढिया....

रितु रंजन २३ नवम्बर २००९ ६:५१ PM  

अनहद गीत श्रंखला के सभी गीत अच्छे हैं।

बेनामी २३ नवम्बर २००९ ६:५१ PM  

Very nice.

Alok Kataria

नंदन २३ नवम्बर २००९ ६:५१ PM  

रीना कपिल जी एवं साहित्य शिल्पी को इस कव्वाली के लिये बधाई। बहुत प्रशंसनीय स्वर संयोजन है।

makrand २३ नवम्बर २००९ ६:५१ PM  

bahut badia

सुशील कुमार २३ नवम्बर २००९ ६:५१ PM  

धरा पर अँधेरा तो छाया ही रहेगा। वैसे उजाले उनको नसीब हैं जो उनके हिमायती हैं।

महावीर २३ नवम्बर २००९ ६:५१ PM  

बच्चों के मधुर सुरों में यह सुंदर प्रस्तुति सुनवाने के लिए साहित्य शिल्पी को धन्यवाद और रानी कपिल को बधाई। इन प्यारे प्यारे बच्चों को जिनकी मधुर आवाज़ अभी भी कानों में गूंज रही है, ढेर सारा प्यार। इस अगली प्रस्तुति का इंतज़ार है।

rewa २३ नवम्बर २००९ ६:५१ PM  

Beautiful song....I have heard this song from gayatri sanstha shantikunj people. And, still I have the cd with me. You can find many such songs on line now.

gita pandit २३ नवम्बर २००९ ६:५१ PM  

सुंदर प्रस्तुति के लिए ......
साहित्य शिल्पी को धन्यवाद....


और रानी कपिल को
बधाई.....

मोहिन्दर कुमार २३ नवम्बर २००९ ६:५१ PM  

बहुत सुंदर प्रस्तुति .. बिल्कुल प्रोफेशनल अंदाज की कवाली है . . जिसे नन्हे मुन्नों ने बहुत ही करीने से निभाया है..

Vijay Kumar Sappatti २३ नवम्बर २००९ ६:५१ PM  

reena ji ka pahle bhi geet suna tha , jise baccho ne gaya tha ..inke prayog bahut hi sundar hoten hai ..

meri dili iccha hai ki [ main rajiv ji se bhi baat ki thi ] ki aap meri poem " sahid hoon main " ko compose karen ..

aapko bahut badhai ..

vijay
www.poemsofvijay.blogspot.com

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