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सूरज चाचा आते हैं
रोज सवेरा लाते हैं
किरणों को फैलाते हैं
दुनियाँ को चमकाते हैं
अंधियारा दूर भगाते हैं
धरती को जीवन देते हैं
उर्जा का स्त्रोत बहाते हैं
सबके मन को भाते हैं

संदेशा मुझे सुनाते हैं
बच्चों जब तुम बडे बनोगे
बडे बडे कुछ काम करोगे
जग में रौशन नाम करोगे
सबके प्यारे बन जाओगे
दिल में उनके बस जाओगे

14 comments:

  1. बहुत अच्छी बाल कविता, बधाई।

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  2. पंकज सक्सेना26 अक्तूबर 2008 को 8:53 am

    जग में रौशन नाम करोगे
    सबके प्यारे बन जाओगे
    दिल में उनके बस जाओगे

    बच्चे अवश्य पसंद करेंगे।

    उत्तर देंहटाएं
  3. सुंदर बाल कविता है. बधाई!

    उत्तर देंहटाएं
  4. आजकल बच्चे बड़े होने से पहले ही बड़े बड़े काम करने लगे हैं. हमें उनकी मासूमियत को बचाये रखने की भी ज़रूरत है.

    उत्तर देंहटाएं
  5. संदेशा मुझे सुनाते हैं
    बच्चों जब तुम बडे बनोगे
    बडे बडे कुछ काम करोगे
    जग में रौशन नाम करोगे
    सबके प्यारे बन जाओगे
    दिल में उनके बस जाओगे

    आपका संदेश बच्चों तक पहुँच कर उन्हे लाभांवित करेगा, एक अच्छी कविता की बधाई।

    उत्तर देंहटाएं
  6. बहुत ही अच्छी कविता.. बचपन की याद दिला दी जब हम भी एसी कविता पढते थे... बधाई

    उत्तर देंहटाएं
  7. बहुत उम्दा!!

    आपको एवं आपके परिवार को दीपावली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाऐं.

    उत्तर देंहटाएं
  8. बहुत अच्छी बाल कविता, एक सुन्दर संदेश के साथ। दीप-पर्व की शुभकामनायें।

    ***राजीव रंजन प्रसाद

    उत्तर देंहटाएं
  9. संदेशा मुझे सुनाते हैं
    बच्चों जब तुम बडे बनोगे
    बडे बडे कुछ काम करोगे
    जग में रौशन नाम करोगे
    सबके प्यारे बन जाओगे
    दिल में उनके बस जाओगे
    सुषमाजी आप बाल साहित्य बहुत अच्छा लिखती हैं. सुंदर कविता के लिए बधाई.

    उत्तर देंहटाएं
  10. बाल सुलभ प्रभावी रचना.. एक संदेश देती हुई..
    दिपावली की शुभकामनायें

    उत्तर देंहटाएं
  11. मासूम सुंदर सी बाल रचना

    प्रवीण पंडित

    उत्तर देंहटाएं
  12. मैं प्रस्तुतिकरण की सराहना करता हूँ
    jalaj gupta

    उत्तर देंहटाएं

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