संगीत और बच्चे दोनों ही ईश्वर की सर्वोत्तम रचना हैं। साहित्य शिल्पी प्रस्तुत करता है “जी.बी.एन विद्यालय 21-डी, फरीदाबाद” से सौजन्य से अंतरजाल पर प्रथम संगीतमय प्रस्तुति – “अनहद गीत”। अनहद गीत को असाधारण प्रस्तुति कहा जा सकता है, और इस प्रयास के लिये जी.बी.एन विद्यालय फरीदाबाद की मुक्त हृदय से प्रशंसा भी करनी होगी कि अलग सोच के साथ बाल-प्रतिभाओं को मंच प्रदान कर उन्होंने नन्हें मन-मष्तिष्क में रचनात्मकता का दीपक जला दिया है। 

जी.बी.एन विद्यालय राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के प्रमुख विद्यालयों में एक है जो न केवल अच्छी अध्ययन सुविधाओं के लिये जाना जाता है अपितु अपनी सांस्कृतिक गतिविधियों के लिये भी इसकी पहचान है। 

साहित्य शिल्पी इस संगीत अलबम “अनहद गीत” से प्रतिमाह एक गीत प्रस्तुत करने जा रहा है, आपका प्रोत्साहन उन बच्चों के लिये ऊर्जा बनेगा, जिन्होंने अपना स्वर प्रदान किया है। 

अनहद गीत का संगीत संयोजन किया है प्रतिभावान संगीतकार रीना कपिल ने। रीना न केवल सितार व तबले में दक्ष है अपितु पंजाबी गीतों पर उनकी पकड़ गहरी है। प्रयाग संगीत समिति इलाहाबाद से संगीत में प्रभाकर रीना कपिल 1988 से 1998 तक आकाशवाणी नई दिल्ली के युववाणी विभाग से भी जुडी रही हैं। रीना कपिल समय समय पर अपने कार्यक्रम विभिन्न मंचों पर प्रस्तुत करती रही हैं, यही नहीं प्रत्येक पूर्णमासी को नई दिल्ली के छतरपुर मंदिर में अपने भजनों के प्रस्तुतिकरण से वे श्रोताओं को निरंतर मंत्रमुग्ध करती रहती हैं। 

आईये सुनें अनहद गीत की प्रथम प्रस्तुति “कोटि कोटि कंठों ने गाया...” इस प्रस्तुति के लिये साहित्य शिल्पी, विद्यालय के निदेशकद्वय- प्रदीप सूद तथा अनीता सूद का भी आभारी है।

गीत के शब्द हैं:

कोटि-कोटि कंठो ने गाया, माँ का गौरव गान हैं
एक रहे है एक रहेंगे, भारत की संतान है।

पथविविध चिंतन नानाविधि,
बहुविधि कला प्रदेश की,
अलग वेश भाषा विशेष है,
सुंदरता इस देश की,
इनको बाँट-बाँट कर देखें,
दुश्मन या नादान हैं॥

समझायेंगे नादानों को
सोया देश जगायेंगे,
दुश्मन के नापाक इरादे
जड से काट मिटायेंगे
भारत भाग्य विधाता हम हैं,
जन जन की आवाज हैं॥

ऊँच-नीच निज के विभेद ने
दुर्बल किया स्वदेश को,
बाहर से भीतर से घेरा
अंधियारे ने देश को,
मिटे भेद मिट जाए
अंधेरा जलती हु ई मशाल हैं॥

बदलेंगे ऐसी दिशा को
जो परवश मानस करती,
स्वावलंबिता स्वाभिमान से
जाग उठे अंबर धरती,
पुनरपि वैभव के शिखरों
पर बढ़ता देश महान है॥

इसे सुनने के लिये नीचे दिये गये प्लेयर पर चटखा लगायें:-

23 comments:

  1. रीना कपिल व उनके बालवृन्दों को बहुत बहुत बधाई। बहुत अच्छा संगीत प्रस्तुतिकरण है। साहित्य शिल्पी का यह प्रयास अच्छा लगा।

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  2. पंकज सक्सेना23 अक्तूबर 2008 को 7:29 am

    जी.बी.एन स्कूल और साहित्य शिल्पी का यह काम सराहनीय है। बच्चों को एसा प्लेटफार्म मिल जाये तो उनका कल स्वरणिम ही होगा। गीत बहुत अच्छी तरग संगीतबद्ध है व गाया गया है।

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  3. कोटि कोटि कंठों के गाया के लिये GBN, रीना कपिल व उनकी टीम तथा साहित्य शिल्पी को बहुत बहुत बधाई।

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  4. संगीत और बच्चे दोनों ही ईश्वर की सर्वोत्तम रचना हैं. बिलकुल सच कहा आपने. बच्चों की मासूम आवाज में इतना सुंदर गीत सुनकर दिल खुश हो गया. सुबह-सुबह इतना सुंदर गीत सुनाने के लिये साहित्यशिल्पी को आभार! गायक बच्चों को स्नेह और शुभकामनायें!

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  5. GBN School has nicely promoted their students. very well composed song. Thanks.

    Alok Kataria

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  6. रीना कपिल से परिचित हो कर् अच्छा लगा। मैं जी.बी.एन स्कूल व उसके प्रबंधन को भी धन्यवाद देना चाहूँगी जो बच्चों में इस तरह की सांस्कृतिक सोच उत्पन्न करने के लिये प्रयासरत है। साहित्य शिल्पी को भी बहुत बहुत बधाई।

    उत्तर देंहटाएं
  7. संगीत और बच्चे दोनों ही ईश्वर की सर्वोत्तम रचना हैं.साहित्य शिल्पी का यह प्रयास अच्छा लगा।

    उत्तर देंहटाएं
  8. anhad geet ka swar mehsun kiya
    ise prastut karne waale saraswati ke sabhi roopon ko pranam karta hoon...........aur shubkamnayein deta hoon............reeja ji ko vishesh badhai.


    www.kavideepakgupta.com

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  9. जी.बी.एन विद्यालय की दूरंदेशिता प्रशंसनीय है, एसा कम ही सोचा जाता है। जिस विद्यालय की सोच इतनी उन्नत हो वहाँ बच्चों का भविष्य निश्कित स्वरणिम है। विद्यालय के निदेशकद्वय- प्रदीप सूद तथा अनीता सूद को बधाई। रीना जी को बहुत बधाई उनके बेहतरीन संगीत संयोजन के लिये। सभी प्रतिभागी बच्चों को बधाई।

    ***राजीव रंजन प्रसाद

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  10. GBN स्कूल मेनेजमेंट तथा रीना कपिल को बधाई। बहुत अच्छा गीत कंपोज हुआ है।

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  11. गीत के बोल, उच्चारण, स्वर व संगीत उच्चकोटि का है. स्कूल स्तर पर इस तरह के प्रयास सराहनीय हैं. रीना कपिल जा का आभार जिन्होंने इस प्रस्तुतिकरण में अहम भूमिका निभाई है.

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  12. bahut aabhaar sunvaaney ka ...khuub sundarprayaas hai..bachhon ko dher saari shubhkaamnayen

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  13. बहुत सुंदर प्रयास है बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को निखारने का. स्कूल प्रबन्धन इसके लिये बधाई का पात्र है. सुनवाने के लिये साहित्यशिल्पी का आभार!

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  14. Definitely a very nice effort to promot the angels and provide them a new horizon to fly! Keep it up!
    Sorry for writing in english :(

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  15. बहुत मधुर गीत है

    संगीत दिलकश है

    कुल मिलाकर बना

    माहौल संगीतनुमा है


    बच्‍चों के नामों का उल्‍लेख भी किया जाता तो और भी आनंद आता। अब भी दे सकते हैं तो अवश्‍य दें।

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  16. उत्तम ..अति उत्तम .....
    सभी बच्चों और उनके स्कूल प्रबंधन को बधाई.
    और साहित्याशिल्पी को बच्चों के इस प्रयास को प्रोत्साहित करने के लिए बधाई.

    शुभकामनाएं.

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  17. बच्चों, निराश मत होना ।आपका संगीत जरूर सुनूँगा। अभी यहाँ नेट धीमा है।इसलिये संगीत डाऊनलोड नहीं हो पा रहा।पर दो दिन बाद हाई स्पीड नेट से डाऊनलोड कर सुनूंगा।तुम्हारा-
    सुशील अंकल।

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  18. फिर आपलोगों को बताऊंगा,कैसा लगा इसी ब्लॉग पर।

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  19. कोटि-कोटि कंठो ने गाया, माँ का गौरव गान हैं

    यह वाक्य सुनते हीं हृदय कुतूहल से प्रसन्न हो जाता है। जितना हीं सुंदर गीत लिखा गया है, उतना हीं अविस्मरणीय संगीत एवं गायन है। रीना जी और सभी बालिका-फ़नकारों को कोटि-कोटि बधाईयाँ।

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  20. बालवृन्द
    रीना कपिल तथा
    साहित्य शिल्पी को

    बधाई और शुभकामनायें,,,,

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