Photobucket

गिटलीघुम गिटलीघुम गिटलीघुम
आओ सारे साथ मिलके बादलों पे चलते हैं
वो बड़ा सा छेद मिलके फूलों से ही भरते हैं
प्यारा सा मौसम रहेगा हर दम
चिलचिलाती गर्मी में क्यूँ मरें हम तुम
गिटलीघुम गिटलीघुम गिटलीघुम

आओ चलें हम वो वाले किले में
काला से धुंए में पानी भरेंगे
चलके बुझाते हैं आग जो लगी है
खांसता खांसते क्यूँ निकले दम
गिटलीघुम गिटलीघुम गिटलीघुम

आओ चलो हम बाँटें खुशी
सबके चेहरों पे नाचे हँसी
अच्छे बच्चे बनके रहे हम
क्यूँ रहे यहाँ कोई गुम सुम
गिटलीघुम गिटलीघुम गिटलीघुम

13 comments:

  1. गिटलीघुम की उपासना
    एक नये शब्‍द की प्रस्‍तावना
    बच्‍चों के लिए अच्‍छी रहती है
    सदा ऐसी मनभावना।

    उत्तर देंहटाएं
  2. वाह वाह!!! बहुत सुन्दर। बहुत अच्छी बाल रचना।

    उत्तर देंहटाएं
  3. आओ चलो हम बाँटें खुशी
    सबके चेहरों पे नाचे हँसी
    अच्छे बच्चे बनके रहे हम
    क्यूँ रहे यहाँ कोई गुम सुम
    गिटलीघुम गिटलीघुम गिटलीघुम

    उत्तर देंहटाएं
  4. पंकज सक्सेना11 अक्तूबर 2008 को 4:14 pm

    बहुत सुन्दर बाल रचना। निश्चित ही बच्चे इसे गुनगुनाना और याद रखना पसंद करेंगे। गिटलीगुम सुन्दर बन पडा है।

    उत्तर देंहटाएं
  5. उपासना जी आप में अपार रचनात्मक क्षमता है। बाल साहित्य लिखना असाधारण कार्य है। यह एसा ही है जैसे नयी पौध को खाद पानी से सींचना। अगर बच्चों में एसे संदेश जग गये तो समझिये क्रांति हो गयी। बधाई स्वीकारें।

    ***राजीव रंजन प्रसाद

    उत्तर देंहटाएं
  6. गिटलीघुम गिटलीघुम गिटलीघुम
    आओ सारे साथ मिलके बादलों पे चलते हैं
    वो बड़ा सा छेद मिलके फूलों से ही भरते हैं

    सुन्दर कल्पनाओं से सजी बहुत अच्छी कविता है।

    उत्तर देंहटाएं
  7. सुंदर कल्पना , सरल शब्द और बेहतर शैली.. अच्छी रचना के लिए बधाई उपासना जी..

    उत्तर देंहटाएं
  8. रोचक और लयबद्ध गीत है। पढकर अच्छा लगा। सम्पादक मण्डल को एक सुझाव देना चाहूंगा कि रचना के साथ यदि चित्र हो, तो उसका इम्पैक्ट ज्यादा प्रभावी होता है। और मेरी समझ से बाल रचना के साथ वह जरूरी भी है।

    उत्तर देंहटाएं
  9. गिटलीघुम गुनगुनाकर बच्चे बन जाने का सुख मिला।
    अच्छी बाल कविता।

    प्रवीण पंडित

    उत्तर देंहटाएं

आपका स्नेह और प्रस्तुतियों पर आपकी समालोचनात्मक टिप्पणियाँ हमें बेहतर कार्य करने की प्रेरणा प्रदान करती हैं.

पुस्तकालय

~~~ साहित्य शिल्पी का पुस्तकालय निरंतर समृद्ध हो रहा है। इन्हें आप हमारी साईट से सीधे डाउनलोड कर के पढ सकते हैं ~~~~~~~

डाउनलोड करने के लिए चित्र पर क्लिक करें...

आइये कारवां बनायें...

साहित्य शिल्पी, हिन्दी और साहित्य की सेवा का मंच, एक ऐसा अभियान.. जो न केवल स्थापित एवं नवीन रचनाकारों के बीच एक सेतु का कार्य करेगा अपितु अंतर्जाल पर हिन्दी के प्रयोग और प्रोत्साहन का एक अभिनव सोपान भी है, अपने सुधी पाठको के समक्ष कविता, कहानी, लघुकथा, नाटक, व्यंग्य, कार्टून, समालोचना तथा सामयिक विषयो पर परिचर्चाओं के साथ साहित्य शिल्पी समूह आपके समक्ष उपस्थित है। यदि राष्ट्रभाषा हिदी की प्रगति के लिए समर्पित इस अभियान में आप भी सहयोग देना चाहते हैं तो अपना परिचय, तस्वीर एवं कुछ रचनायें हमें निम्नलिखित ई-मेल पते पर प्रेषित करें।
sahityashilpi@gmail.com
आइये कारवां बनायें...

Followers

Google+ Followers

Get widget