हरीश भीमानी की आवाज़ किसी परिचय की मोहताज़ नहीं है। बी. आर. चोपड़ा कृत धारावाहिक ’महाभारत’ में उनकी आवाज़ में गूँजता "मैं समय हूँ" आज भी लोगों की स्मृति में अंकित है। उन्हीं की पुरकशिश आवाज़ में आइये आज सुनते हैं देवमिण पांडेय जी की एक रचना - "हर आँगन में दीप खुशी का मगर कहाँ जल पाता है"।

गीत के बोल हैं:

हर दिन सूरज उम्मीदों का नया सवेरा लाता है।
हर आँगन में दीप खुशी का मगर कहाँ जल पाता है।।

बरसों बीते फिर भी बस्ती अंधकार में डूबी है;
कभी कभी लगता है जैसे ये आज़ादी झूठी है।
आँखों का हर ख़ाब अचानक अश्क़ों में ढल जाता है;
हर आँगन में दीप खुशी का मगर कहाँ जल पाता है।।

हाथ बँधे हैं अब नेक़ी के, सच के मुँह पर ताला है;
मक्कारों का डंका बजता, हर एक सिम्त घोटाला है।
खरा दुखी है, खोटा लेकिन हर सिक्का चल जाता है;
हर आँगन में दीप खुशी का मगर कहाँ जल पाता है।।

देश की क़ुरबानी में शामिल आखिर खून सभी का है;
मगर है लाठी हाथ में जिसके हर कानून उसी का है।
वही करें मंज़ूर सभी जो ताक़तवर फ़रमाता है;
हर आँगन में दीप खुशी का मगर कहाँ जल पाता है।।


13 comments:

  1. What a voice, nice poem too..

    Alok Kataria

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  2. देवमणि जी बहुत अच्छी कविता है। हरीष भिमानी की आवाज तो भारत भर में अकेली है। स्वर्णिम आवाज है।

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  3. बहुत अच्छी प्रस्तुति है, देवमणि जी को बधाई। हरीश जी की आवाज का तो मैं कायल हूँ।

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  4. बहुत अच्छी लगी यह प्रस्तुति। इस तरह कविता सुनना भी अच्छा अनुभव रहा।

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  5. देश की क़ुरबानी में शामिल आखिर खून सभी का है;
    मगर है लाठी हाथ में जिसके हर कानून उसी का है।
    देवमणि जी बहुत अच्छी कविता है।
    regards

    उत्तर देंहटाएं
  6. पंकज सक्सेना18 दिसंबर 2008 को 11:10 am

    अच्छा लगा इस क़ोम्बिनेशन को सुनना, एक बेहतरीन कवि की बेहद अच्छी कविता को शानदार आवाज।

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  7. हरीश जी
    बात समय की ही तो है
    आपने कही तो है
    सच को झूठ और झूठ को सच मानना शुरू कर दीजिए
    नेकी को बदी और बदी को नेकी कहना ही होगा वरना ये माहोल ऐसा ही है कि सच, इमानदारी, नेकी को अपने अस्तित्‍व का सुबूत देना होता है। बदमाशी को नहीं।

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  8. बहुत अच्छी लगी यह प्रस्तुति। बधाई।

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  9. RACHNA SHRI DEVMANI PANDEY KEE AUR
    SWAR SHRI HARISH HIMANI KAA SONE
    PAR SUHAAGAA WAALEE BAAT HAI.IS
    SANGAM PAR MUJHE BHARAT VYAS JEE KA
    GEET YAAD AA GAYAA HAI-
    TERE SUR AUR MERE GEET
    DONO MILKAR BANEGEE PREET

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  10. देवमणि जी की..... बेहद अच्छी कविता......
    हरीश भिमानी जी की बेहद अच्छी आवाज......


    बहुत अच्छी प्रस्तुति.....

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  11. देवमणि जी एक भावभरी कविता पढ़वाने के लिए आभार साथ ही हरीश जी की आवाज में सुन केर मजा दुगना हो गया

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  12. भीमानी जी की आवाज़ से कविता में चार चाँद लगा दिए

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