मित्रों,
मजाक एक परंपरा की तरह होली के पावन त्यौहार का हिस्सा है और बुरा न मानने की अनिवार्य शर्त भी। योगेश जी नें कुछ कटाक्ष के रंग चुन चुन कर साहित्य शिल्पियों पर उडेले हैं निश्चित ही सब हरे नीले होंगे...लाल-पीले नहीं। कहते हैं न कि - बुरा न मानो होली है....
- साहित्य शिल्पी
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मित्रों
होली की हार्दिक शुभकामनाएं। साहित्य शिल्पी पर जिन साथियों, दोस्तों को थोडा बहुत समझ पाया हूं उस हिसाब से होली खेल रहा हूं। मेरा अपना ढंग है रंग फैंकने का.. आपको चाहे जैसा लगे.. पर देखो बुरा मत मानाना... यह होली आपको कैसी लगी जरूर बताईयेगा अवश्य .. जिन लोगों के चेहरे इनमे दिखाई नही दे रहे है वह मुझे माफ कर देना क्योंकी साहब मैं थोडा देर से जागा इस लिये इतने ही लोगो से होली हो सकी... बाकी आपके ऊपर है.. जनाब आप इस होली को कैसे लेते है..
साहित्य शिल्पी - राजीव रंजन प्रसाद एवं रितु रंजन प्रसाद साहित्य शिल्पी - अजय यादवसाहित्य शिल्पी - सतपाल "ख़्याल"
साहित्य शिल्पी - डॉ. कुमार विश्वास तथा आलोक पुराणिक साहित्य शिल्पी - श्रीकांत मिश्र "कांत" साहित्य शिल्पी - अविनाश वाचस्पति साहित्य शिल्पी - मोहिन्दर कुमार
साहित्य शिल्पी - संजीव तिवारी
साहित्य शिल्पी - योगेन्द्र मौदगिल, सुनीता चोटिया एवं राजीव तनेजा
साहित्य शिल्पी - अभिषेक सागर एवं रचना सागर
प्राण शर्मा एवं पवन कुमार चंदन
अभिषेक तिवारी, सुभाष नीरव एवं योगेश समदर्शी
समीर जी (उडन तश्तरी जी) के लिये भी रंग है 
साहित्य शिल्पी - सूरजप्रकाश, रूप सिंह चंदेल एवं तेजेन्द्र शर्मा
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43 comments:
हा हा हा योगेश जी,
बहुत बढ़िया। गज़ब की होली खेली है। मज़ा आ गया। होली खेलने का यह ढ़ंग बहुत प्रभावी रहा। होली की शुभकामनाएँ।
This is one of THE BEST thing i ever saw on a blog.
Happy Holi to all readers and members of Sahitya Shilpi
Anupama
इसे देखकर ख्याल आता है
महीने में एक दिन होली अवश्य मनाएं
उस होली पर कार्टूनों को कार्टून बनाएं
चाहे रचनाओं में से चुरायें
पर अवश्य बनायें
अपनी संरचनात्मक प्रतिभा को
समदर्शी भाई यूं ही न गंवाये
और नुक्कड़ पर अब वे सारी टिप्पणियां
कार्टूनों के रूप में ही भिजवायें।
चलिए अच्छा हुआ
अब अलग से नहीं मांगनी पड़ेंगी
एक काम तो कम हुआ
अब टिप्पणी मांगने का समय
टिप्पणी लेखन में ही दे दिया करूंगा।
और हां मैं बुरा भी मान गया हूं
और मानता रहूंगा हजूर
अगर आपने अब भी टिप्पणी न दी जरूर।
कुछ दे रहा हूं
तभी तो मांग रहा हूं
क्या कर दिया कसूर।
सब मांगते हैं
वे मन में मांगते हैं
हम लिखचीत बॉक्स में मांगते हैं
वे सबूत नहीं छोड़ते
हम निशान छोड़ देते हैं।
पर मैं सफाई क्यों दे रहा हूं
सब शब्द अपने वापिस ले रहा हूं।
दो बाबा बहुत पसंद आये। इन्हीं के होने से ब्लॉग परिवार बढ़ता जाये। एक बाबा टिप्पणी दे रहे हैं। दूसरे बाबा टिप्पणी मांग रहे हैं। बीच में बाकी ब्लॉगर क्या भंग छान रहे हैं। उनसे निवेदन है कि वे भी किसी न किसी गुट में शामिल हो जाएं। ब्लॉगिंग में सिर्फ चार गुटों की छनती है। एक टिप्पणी देने वाले, दूसरे लेने वाले, तीसरे पोस्ट लगाने वाले और चौथे उन पर विवेचना करने वाले। तीन तो सदा सक्रिय रहने ही चाहिए। पोस्ट करने वाले चाहे न रहें, पर बाकी टिप्पणी ब्लॉगवाणी पर पसंद टिप्पणी खेलते रहें। मेरा नाम विनोद जरूर है पर मैं आज विनोद के मूड में नहीं हूं इसलिए गंभीर बात कह रहा हूं।
वाह भई वाह। यह हुई होली।
हा...हा....हा.... मज़ा आ गया जी फुल्ल-फुल्ल
बहुत बढिया। इसे कहते हैं विनोद करना। लेकिन कई छूट गये योगेश जी आपकी निगाह से।
सभी मजेदार हैं। होली है
हा हा!! डॉ कुमार के लिए बिल्कुल सही सटीक!!!
-टिप्पणी वाले बाबा बोल रहे हैं. :)
छा गये!!!
आपको होली की मुबारकबाद एवं बहुत शुभकामनाऐं.
सादर
समीर लाल
योगेश जी, मेरी हालत का खूब बयां किया आपने :) बहुत अच्छे कार्टून हैं। आपको गंभीरता से कार्टूनिंग शुरू कर देनी चाहिये। सभी कार्टून अच्छे हैं। आपनें साहित्य शिल्पी को अपनी मेधा के रंग से सरोबार कर दिया।
बहुत खूब।
होली की शुभ कामनाएं।
अच्छा तरीका है होली मनाने का भाई लोग।
महिलाओं के साथ होली नहीं खेली। आखिर सवाल सामर्थ्य का है, साहस का है। हा हा हा ।
बहुत खूब ! मजा आ गया इस होली में । "साहित्य शिल्पी" के सभी पाठकों, रचनाकारों और शुभ चिन्तकों को होली की ढ़ेरों शुभकामनाएं !
योगेश जी अब आपसे मिलना पडेगा :) हमारा लाईव टेलीकास्ट दिखा दिया गया।
प्रिय योगेश जी,
सबसे पहले मेरी ओर से आप और साहित्य- शिल्पी परिवार के लिए होली की शुभ कामनाएं स्वीकार करें. कार्टून्स के माध्यम से होली खेलने का आपके नायाब तरीके ने विमोहित कर दिया. हाथी में हम तीन ----- क्या बात है. आभार!
चन्देल
बहुत खूब...आनंद आ गया. अगली होली पर किस-किस पर आपकी कार्टूनी पिचकारी चलेगी, अभी से बता दें तो मेहरबानी !!
साहित्य शिल्पी पर मनायी गयी इस होली का मजा आ गया। बधाई सभी को।
holi per rang ki jarurat nahi .
YUN TO SABHEE CARTOONS KHOOB HAIN
LEKIN YOGENDRA MAUDGIL,SUNITA
CHOTIA AUR RAJIV TANEJA KE CARTOON
KEE BAAT HEE KYAA HAI! GIRTE-
SAMBHAALTE HUE BHEE MUSKARAA RAHE
HAIN .BAHUT KHOOB AUR LAAJAWAAB !!
मेरी कहानी कार्टून तो लाजवाब है!
वैसे, सभी कार्टून एक से बढ़कर एक, मजेदार हैं.
...... अद्भुत ....... योगेश जी
सुधी शिल्पी मित्रो !
होली के रंग और उमंग भरे पर्व की हार्दिक शुभकामना !
रंग और भंग दोनों में ध्वनि साम्य अवश्य है किन्तु आज के दिन भंग के कारण रंग में भंग नहीं होता है अपितु उमंग का साथ मिलता है. सो योगेश जी सहित सभी माननीय और ज्ञाननीय शिल्पी मित्रों को उमंग भरे स्नेह और अभिवादन के साथ सभी कार्टून पर स्मित भरी प्रतिक्रिया यही है कि
नीम सभी पीले हुए त्यागे कड़वे ढंग
सेमल पत्ते त्याग के है मौसम से दंग
टेसू कानन देख के पीपल हो गया नंग
बौराई सब मंजरी होली के हुड़दंग
..............
गोरी सब पूछे लगीं क्यों टूटे सखि अंग
पुनः सप्रेम शुभकामना
Really Nice. Holi hai..
Alok Kataria
साहित्य शिल्पियों की अच्छी चुटकी ली है आपनें। सभी कार्टूंन अच्छे लगे। वैसे योगेश जी अपनी बैठक में हमें छोड दिया आपनें। एक छांछ की हमारी ग्लास भी लगा लेते :) चलिये चीयर्स।
Bhai Yogesh jee ne apnee holi kee phuhaar London tak pahuncha dee aur mujhey bahut achha laga - Bhai Suraj aur Roop jee bura naa maaney - Holi hai - JAB HAATHI NIKAL GYA TO POOCHHNUMA KAHANI MEREY HAATH MEIN AA GAYEE.. HA AHA HA AHAHAHAHA....
Aaj Bukhar hai magar ye cartoon dekh kar tabeeyat first class ho gayee.
Aap Sab ko Holi Mubarak
Tejendra Sharma
Katha UK, London
मजेदार कार्टून हैं जी!
होली की ढेरो शुभकामनाएं ...
hi hi hi ha ha ha ha
baap re hansi ruk hi nahi rahi
Holi par ye special ank bahut majedaar raha
होली कैसी हो..ली , जैसी भी हो..ली - हैप्पी होली !!!
होली की शुभकामनाओं सहित!!!
प्राइमरी का मास्टर
फतेहपुर
बहुत अच्छे योगेश जी! मजा आ गया। पर कई भाई लोगों को छोड़ दिया आपने। ये नाइंसाफी ठीक नहीं।
kartoon abhivyakti ka dil ki bharas nikalne ka ek anootha madhyam hai
iske sahare sahitya shilpi ke kartaaon ki antarik manodasha batlakar apne aaj ki holi me ek naya rang bhar diya
वाह जी ,योगेश जी...
कमाल कर दिया भाई..
अद्भुत संयोजन..
बधाई..
बहुत बढिया। होली की बधाई।
ये योगेन्द्र जी कितने खुश हैं इनके मन को देखो कितना प्रफुल्लित हो रहा है
।
हमें तो ईर्ष्या हो रही है। लगता है योगेश कमदर्शी को कलमकड़ी लगवानी पड़ेगी।
हमें नहीं पता था राजीव तनेजा तने ही रहेंगे योगेन्द्र ही का मुंह काला करना चाहते हैं क्या
और सुनीता जी आप को ये ही मिले...100 ग्राम के
अविनाश जी को क्या पता था कि नुक्कड पर कटोरा लेकर बैठना पड़ेगा। क्या किस्मत है।
पता नहीं प्राण जी को प्राण बचे या नहीं
चलिए भारतीय रेल सेवा का समय हो रहा है, बाकी फिर कभी
he he :)
sab ek se ek cartoon.....
....superb!!!
kitna accha blog hai ye...
sahity shilpi ko to apne blog main lagana hi padega....
bura na mano ...
holi hai !!
चंदन भाई
आपकी प्रतिक्रिया मुझे बहुत भाई
जल्दी से ही
कल मकड़ी क्यों
आज ही मकड़ा क्यों नहीं भिजवा रहे हो
समदर्शी जी को तो वो भी तितली नजर आएगी
और उनके चश्मे पर वाइपर चलाएगी।
एक से बढ कर एक।
अच्छी होली खेली गयी है। सभी कार्टून अच्छे हैं।
भईये.. होली हर साल आती है.. अबकी आपकी थी अगली हमारी होगी :)
साहित्यकारों पर होली के नए रंग देखकर मजा आ गया |
धमाकेदार है
मज़ेदार
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