अनहद-गीत नामक इस अलबम के कुछ गीतों को हम पूर्व में भी साहित्य शिल्पी पर प्रस्तुत कर चुके हैं। इस में फरीदाबाद के जी.बी.एन विद्यालय के नन्हे मुन्नों के द्वारा गये गये गीतों को संगीत से सजाया है प्रतिभाशाली संगीत संयोजक तथा अध्यापिका रीना कपिल ने। इसी क्रम में आज पेश है इसी अलबम का एक भजन। बोल हैं:-

ॐ हरि ॐ .......
ओम है परमपिता का नाम।
भज ले प्यारे ओम का नाम॥

ओम का नाम है अति पावन;
ओम का नाम है अति मनभावन।
ओम का सिमरन, ओम का नाम;
भज ले प्यारे ओम का नाम॥

ओम है वेदों का वरदान;
ओम का नाम है ब्रह्म समान।
ओम है जीवन, ओम है प्राण;
भज ले प्यारे ओम का नाम॥

ओम कहो या कहो ओंकार;
ओम की महिमा अपरंपार।
ओम ही है हर सुख का धाम;
भज ले प्यारे ओम का नाम॥

भजन को सुनने के लिये नीचे दिये गये प्लेयर पर चटखा लगायें:-



6 comments:

  1. सुबह-सुबह इतना मधुर भजन सुनने के बाद मन प्रसन्नता से भर उठा।ऐसे लगा जैसे किसी अलौकिक दुनिया में पहुँच गया हूँ?

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  2. अति मधुर भजन जो जीवन के सत्य को उजागर कर रहा है

    ओम है वेदों का वरदान;
    ओम का नाम है ब्रह्म समान।
    ओम है जीवन, ओम है प्राण;
    भज ले प्यारे ओम का नाम॥

    इस उत्तम भजन के लिये रीना जी व बच्चे बधाई के पात्र है

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  3. बहुत बढिया भजन ... तकनीकी गडबडी से सुन तो नहीं सकी ... पर पढना अच्‍छा लगा।

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  4. ओइम ही भक्ति ओइम ही शक्ति
    ओइम ही भव-सागर से मुक्ति
    ओइम ही पूर्ण ब्रह्म विचार
    ओइम मे बस रहिया संसार
    ओइम नाम अदभुत आधार
    ओइम से मिट जाएं कष्ट अपार
    ओइम ही बाहर ओइम ही अंदर
    ओइम से बन जाए मन मन्दिर
    ओइम शब्द और ओइम विधाता
    ओइम ही सृष्टि का उपजाता
    ओइम ही पूर्ण ब्रह्म दिखावे
    ओइम ही राम को रमण करावे
    ओइम ही है कण-कण मे समाया
    ओइम नाम का मर्म न पाया

    सुन तो नही सकी लेकिन पढकर अगर कोई रचना अंतर्मन को झंझोड दे तो उसकी तारीफ मे शब्द कम पड जाते है |
    धन्यवाद
    सीमा सचदेव

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  5. स्वरशिल्पी की अनहद प्रस्तुति आरम्भ से ही परमानंद का अनुभव कराने में सक्षम रही है. इसके नवीनतम भजन का संगीत्मय आनन्द का आचमन, इसकी समस्त टींम के प्रति नतमस्तक करता है. - आभार

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  6. मधुर है भजन...........
    गी.बी.एन. से मैं परिचित हूँ.........फरीदाबाद का होने के नाते, इसलिए ये भजन और भी सुन्दर लग रहा है

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