रचनाकार परिचय:-

अभिषेक तिवारी "कार्टूनिष्ट" ने चम्बल के एक स्वाभिमानी इलाके भिंड (मध्य प्रदेश्) में जन्म पाया। पिछले २३ सालों से कार्टूनिंग कर रहे हैं। 

ग्वालियर, इंदौर, लखनऊ के बाद पिछले एक दशक से जयपुर में राजस्थान पत्रिका से जुड़ कर आम आदमी के दुःख-दर्द को समझने की और उस पीड़ा को कार्टूनों के माध्यम से साँझा करने की कोशिश जारी है.....

7 comments:

  1. :) निर्णायक जनता और उसकी लाठी।

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  2. आडवानी जी पर निर्णायक चोट हो गयी है।

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  3. लौह पुरुष
    आंसू पुरुष ?
    बना या
    बनाया गया
    वोटर की
    करारी मात
    यानी करामात

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  4. रेफ़री सोनिया जी जो थी... जीतना तो मनमोहन जी को ही था :)

    वैसे अच्छा ही हुआ.. कम से कम बेकगेयर तो नहीं लगेगा... और अब तो नकेल कसने वाला कोई नहीं... नई मंजिलें पार करना आसान है

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