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शनिवार, २४ जनवरी २००९

आओ हम झूमे नाचे गायें [बाल साहित्य] - सुषमा गर्ग

आओ हम झूमे नाचे गायें
अहा खुशियाँ खूब मनायें
नयी उमंगें नयी तरंगें
हम नये तराने गायें
हम हैप्पी न्यू ईयर गाये
आओ चिंटू आओ दिशिता
आओ पिंटू आओ इशिता
हम सब दोस्त बन जायें
अहा जी भर मौज उडायेँ
हम हैप्पी न्यू ईयर गायें
नया साल है नयी बात है
तारों की बारात साथ है
जी भर खुशियाँ सैर सपाटा
2008 को कर दो टाटा
हम जी भर खुशी लुटायें
हम हैप्पी न्यू ईयर गाये
सूरज चँदा सबके घर में
रोज उजाला लायें
सर सर सर सर पवन चले तो
जग सुरभित हो जाये
हम प्रेम का दरिया बहायें
हम हैप्पी न्यू ईयर गायें

माता पिता की सेवा करके
ऊँचे उठते जायें
मजबूत इरादे बने रहें तो
हर मुशकिल कट जाये
हम कभी नही घबराऐं
हम हैप्पी न्यू ईयर गायें

***** 

6 comments:

अविनाश वाचस्पति २३ नवम्बर २००९ ६:५३ PM  

दो हजार सात को
नौ में भी लेकर
चल रही हैं आप।

आठ से छलांगा होगा
कहीं बीच में न पकड़े
अच्‍छा गीत है यह
नव वर्ष मनाने की
रीत है अबगीत है।

नवगीत का है
भाई
अबगीत सुनो साईं।

रचना सागर २३ नवम्बर २००९ ६:५३ PM  

बहुत अच्छी बाल कविता है। बधाई सुषमा जी।

पंकज सक्सेना २३ नवम्बर २००९ ६:५३ PM  

अच्छी कविता।

रितु रंजन २३ नवम्बर २००९ ६:५३ PM  

बच्चो की भाषा में लिखी गयी सुन्दर बाल कविता है।

राजीव तनेजा २३ नवम्बर २००९ ६:५३ PM  

सुन्दर बाल कविता....नया साल मुबारक हो

महावीर २३ नवम्बर २००९ ६:५३ PM  

अच्छी बाल कविता है।

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