सुरेश शर्मा की कूची से [कार्टून]
आज साहित्य शिल्पी परिवार में सम्मिलित हो रहे हैं कार्टूनिष्ट सुरेश शर्मा। प्रस्तुत हैं सामयिक विषयों पर उनकी कुछ कार्टून कृतियाँ। साहित्य शिल्पी पर उनके कार्टूनों में अंतर्निहित पैनी व्यंग्य क्षमता का आनंद अब नीयमित लिया जा सकेगा।-copy.gif)
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परिचय
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नाम: सुरेश शर्मा (कार्टूनिस्ट )
आयु: ४७ वर्ष
पेशा: दैनिक हिंदुस्तान रांची,में १० वर्षों से बतौर कार्टूनिस्ट कार्यरत !
अन्य जानकारियां- कार्य अनुभव २५ वर्षों का ! अबतक १५००० हजार से भी अधिक कार्टून प्रकाशित!
कुछ प्रमुख पत्र-पत्रिकाएं जहाँ कार्टून प्रकाशित हुए या हो रहे हैं:
दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, रांची एक्सप्रेस, सन्मार्ग, अपनी रांची, देशप्राण, सरिता, मेरी सहेली, वामा, गृह सहेली, बिंदिया, प्रथम प्रवक्ता, नूतन कहानियाँ, सच्ची कहानियां, सरस सलिल, दी पब्लिकअजेंडा, राज माया, संपादक, नंदन, बाल भारती, बाल हंस, बाल भाष्कर, दीवाना तेज साप्ताहिक, लोटपोट, मधुमुस्कान, आनंद डाइजेस्ट, मेला, माधुरी, आदि.....
ब्लोग्स- http://sureshcartoonist.blogspot.com. [email protected]




14 comments:
बहुत सटीक कार्टून्स!!
हा...हा...हा...
मज़ेदार...
सबसे बढिया आदिमानव वाला लगा
बहुत आभार.
श्री गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभ कामनाएं-
आपका शुभ हो, मंगल हो, कल्याण हो |
कार्टून तीनों ही अच्छे है पर स्वाईन फ्लू पर सटीक व्य़ँग्य है। साहित्य शिल्पी पर आपका अभिनंदन।
एक से बढकर एक कार्टून्स .. बहुत सुंदर !!
भाव, बिम्ब, रस, शिल्प में, रेखाएं दी जोड़.
श्री सुरेश ने बनाये, व्यंग चित्र बेजोड़..
साधुवाद.
सबसे पहले तो मैं आभार मानूंगा साहित्य शिल्पी परिवार का जिन्होंने मुझे साहित्य शिल्पी से जोड़ा, बहुत-बहुत आभार ! मैं संगीताजी, समीरजी,रूप चंद्रजी, राजीव तनेजाजी,नितेशजी,नर्मदाजी का भी आभारी हूँ जिन्होनें अपनी टिपण्णी के द्वारा कार्टूनों को सराहा ...आभार !
तीखे व्यंग्य बहुत प्रभावी सभी कार्टून।
सुरेश जी साहित्य शिल्पी पर स्वागत। आपके कार्टूनों नें जम कर गुदगुदाया।
आपके कार्टून बहुत अच्छे हैं, बधाई।
स्वागत सुरेश जी ...
शिल्पी के मंच पर पहली बार में ही आपके चौकों छ्क्कों का अवलोकन कर आनंद आ गया विशेष कर मंह्गाई पर आपका कार्टून तीखा होने की साथ साथ जनसाधारण के रोष की अभिव्यक्ति भी है. - आभार बन्धु.
बहुत बढिया
बड़े हीं प्रभावी चित्र हैं सारे!!!
बधाई स्वीकारें।
-विश्व दीपक
ananyaji, abhishekji,anilji,srikantji,vishwashji,aur vishwadeepakji, aap sabka dil se aabhaar...!
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