Photobucket
अनहदगीत, फरीदाबाद के जी.बी.एन विद्यालय के नन्हे मुन्नों के द्वारा गये गये गीतों का अलबम है जिसे संगीत से सजाया है प्रतिभाशाली संगीत संयोजक तथा अध्यापिका रीना कपिल नें। गीत को सुनने के लिये नीचे दिये गये प्लेयर पर चटखा लगायें। प्रस्तुत गीत के बोल हैं:- 


दसों दिशाओं में जाएं, दल-बादल से छा जाएं
उमड़-घुमड़ कर इस धरती को, नंदन वन सा लहराएं
एक नया इतिहास बनाएंगे

ये मत समझो किसी क्षेत्र को खाली रह जाने देंगे
दानवता की बेल विषैली कहीं नहीं छाने देंगे
जहाँ कहीं लौ झुलसाती, अमृत रिमझिम बरसाएं
उमड़-घुमड़ कर इस धरती को, नंदन वन सा लहराएं
एक नया इतिहास बनाएंगे

फूल से कोमल खेती पर हम बिजली नहीं गिराते हैं
किंतु अड़ीले बालू टीले वर्षा में ढह जाते हैं
ध्वंस हमारा काम नहीं, अविरल जीवन सरसाएं
उमड़-घुमड़ कर इस धरती को, नंदन वन सा लहराएं
एक नया इतिहास बनाएंगे



7 comments:

  1. पंकज सक्सेना12 फ़रवरी 2009 को 7:59 am

    अनहद गीत की सभी प्रस्तुतियाँ अच्छी हैं।

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत अच्छा संगीत। मधुर गीत।

    उत्तर देंहटाएं
  3. सुन्दर गीत. सुमधुर संगीत, और कोरस भी खूब बंध पाया है.. उतने ही अच्छे शब्दों को प्रात: पढ कर आत्मविश्वास का ह्र्दय में संचार हो गया. श्वर शिल्पी को बधाई...

    उत्तर देंहटाएं
  4. Nice composition and song.

    Alok Kataria

    उत्तर देंहटाएं
  5. रीना जी बधाई। अच्छी कंपोजिशन है। बच्चों ने भरपूर साथ दिया है आपका।

    उत्तर देंहटाएं
  6. मधुर लयबद्ध गीत होने के साथ साथ यह एक सकारात्मक संदेश भी देता है..रीना कपिल जी और बच्चों ने बहुत मेहनत की है ...और बधाई के पात्र हैं

    उत्तर देंहटाएं

आपका स्नेह और प्रस्तुतियों पर आपकी समालोचनात्मक टिप्पणियाँ हमें बेहतर कार्य करने की प्रेरणा प्रदान करती हैं.

पुस्तकालय

~~~ साहित्य शिल्पी का पुस्तकालय निरंतर समृद्ध हो रहा है। इन्हें आप हमारी साईट से सीधे डाउनलोड कर के पढ सकते हैं ~~~~~~~

डाउनलोड करने के लिए चित्र पर क्लिक करें...

आइये कारवां बनायें...

साहित्य शिल्पी, हिन्दी और साहित्य की सेवा का मंच, एक ऐसा अभियान.. जो न केवल स्थापित एवं नवीन रचनाकारों के बीच एक सेतु का कार्य करेगा अपितु अंतर्जाल पर हिन्दी के प्रयोग और प्रोत्साहन का एक अभिनव सोपान भी है, अपने सुधी पाठको के समक्ष कविता, कहानी, लघुकथा, नाटक, व्यंग्य, कार्टून, समालोचना तथा सामयिक विषयो पर परिचर्चाओं के साथ साहित्य शिल्पी समूह आपके समक्ष उपस्थित है। यदि राष्ट्रभाषा हिदी की प्रगति के लिए समर्पित इस अभियान में आप भी सहयोग देना चाहते हैं तो अपना परिचय, तस्वीर एवं कुछ रचनायें हमें निम्नलिखित ई-मेल पते पर प्रेषित करें।
sahityashilpi@gmail.com
आइये कारवां बनायें...

Followers

Google+ Followers

Get widget