है ये रंग बिरंगे फूल [बाल-कविता] - रचना सागर

रचनाकार परिचय:-फूल फूल प्यारे फूल
कितने न्यारे प्यारे फूल
अपने आँगन में लगाओ
अपने बागों मे लगाओ
नन्हे प्यारे सुन्दर फूल
लाल, गुलाबी, नीले, पीले
है ये रंग बिरंगे फूल
कितने नाजुक कितने कोमल
है ये एक डाल के फूल
काँटों में भी हँसते फूल
फूल फूल प्यारे फूल
कितने न्यारे प्यारे फूल




14 comments:
सुन्दर रचना।
बाल कविता लिखना बडा काम है। जारी रखें। अच्छी कविता है, फूलों सी महकती हुई।
Nice poem. Thanks.
Alok Kataria
नन्हे मुन्नों की मनभावन कविता है।
बहुत अच्छी बाल कविता है।
कितने नाजुक कितने कोमल
है ये एक डाल के फूल
काँटों में भी हँसते फूल
फूल फूल प्यारे फूल
कितने न्यारे प्यारे फूल
कितने नाजुक कितने कोमल
है ये एक डाल के फूल
काँटों में भी हँसते फूल
फूल फूल प्यारे फूल
कितने न्यारे प्यारे फूल
बहुत सुन्दर लिखा है। बधाई।
सचमुच बहुत ही खूबसूरत ...
मेरी कलम - मेरी अभिव्यक्ति
बढियाँ है।
सुन्दर रचना बधाई।
अच्छी है...
बाल-साहित्य महज़ कहानी या कविता लिखना ही नहीं है अपितु हमारी भावी पीढ़ी में सुरुचि और संस्कार जगाना भी है। बाल-साहित्य सृजन रचनाकार के लिये प्राय: कठिन भी होता है क्योंकि उसे बाल-मन के स्तर पर जाकर रचना करनी होती है। अत: बाल-साहित्य लिखने वाले सभी रचनाकार विशेष सम्मान के हकदार हैं।
एक अच्छे बाल-गीत के लिये रचना जी को बधाई!
आप बाल साहित्य के लिए बहुत बढिया काम कर रही हैँ...
बधाई स्वीकार करें
rachna jee kee bal kavita "Kitne sunder phool" achchhi hai. Sadhi huee aur chhoti bhi. Mahanta iss baat mein hai kee bachchon ke liye likhna tedhee kheer hai. Chhote aur sukomal, sadharan shabdon ki mala banana sadharan baat toh nahee hai.
Chaliye agli rachna se jaldi hee parichay karayein.
सार्थक संदेश देती सुन्दर बाल सुलभ रचना के लिये बधाई
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