Thursday, October 2, 2008

रचना सागर

“परिस्थितियाँ व प्रोत्साहन कभी भी, किसी को भी कवि बना सकते हैं” ऐसा मानना है कवियत्री रचना सागर का। रचना सागर का जन्म 25 दिसम्बर 1982 को बिहार के छ्परा नामक छोटे से कस्बे के एक छोटे से व्यवसायिक परिवार मे हुआ। इनकी शिक्षा-दीक्षा भी वहीं हुई। आरंभ से ही इन्हे साहित्य मे रुची थी किंतु कविता भी ये लिख सकती हैं इन्होंने तब तक नहीं सोचा था, जब तक कि एक घटना ने इनकी सोच को नहीं बदल दिया। एक बार स्कूल के एक नाटक में हिस्सा लेने के लिये इन्होंने अपनी तैयारी की और बहुत खुश हो अपने पिता जी को भी अपने साथ ले गई। इनके पिता जी ने जब देखा कि ये इतने लोगों (स्कूल व बाहर) के सामने नाटक में हिस्सा लेंगी तो यह बात इनके पिता को अच्छी नहीं लगी और इनके नहीं चाहने के बावजूद घर ले आये। इस घटना ने इन्हें अंतर्मुखी बनाया और तब इन्होंने सोचा की जब बाहर नहीं जा सकते तो कविता को ही अपना माध्यम चुना जाय। उसी दौरान इन्होंने अपनी पहली रचना प्यारे फूल (01/10/1995) में लिखी। परिस्थितिवश ये आगे ज्यादा लिख नही पाईं और जो भी लिखा उसे प्रकाशित न करा सकीं। तथापि इनकी रचनात्मकता थमी नहीं और कविताओ और रचनाओ को अच्छी तरह समझने हेतु उर्दु भाषा का गहन अध्ययन किया। साथ ही मनोविज्ञान में परास्नातक (M.A.) की परीक्षा उत्तीर्ण की जिससे बच्चों के मनोविज्ञान के ऊपर कुछ किया जा सके। शादी के पश्चात पति अभिषेक जी के द्वारा राजीव रंजन प्रसाद जी के सम्पर्क मे आईं और राजीव जी के प्रोत्साहन , पति और बच्ची (आर्श्या) के प्रेरणा से फिर से लिखना शुरू किया और अंतरजाल पर अपना ब्लॉग "मेरी कुछ यादें” पर लिखा।

ई-मेल- [email protected]
पता- पत्नि श्री अभिषेक सागर
मकान संख्या- 250 , सेक्टर -30
फ़रीदाबाद (हरियाणा)- 121003

साहित्य शिल्पी पर इनकी रचनाओ के लिये यहाँ क्लिक करें।

0 comments: