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रविवार, १६ अगस्त २००९

वंदेमातरम [सप्ताह का कार्टून] - अभिषेक तिवारी





रचनाकार परिचय:-
अभिषेक तिवारी "कार्टूनिष्ट" ने चम्बल के एक स्वाभिमानी इलाके भिंड (मध्य प्रदेश्) में जन्म पाया। पिछले २३ सालों से कार्टूनिंग कर रहे हैं। ग्वालियर, इंदौर, लखनऊ के बाद पिछले एक दशक से जयपुर में राजस्थान पत्रिका से जुड़ कर आम आदमी के दुःख-दर्द को समझने की और उस पीड़ा को कार्टूनों के माध्यम से साँझा करने की कोशिश जारी है.....

8 comments:

प्रवीण शुक्ल (प्रार्थी) २३ नवम्बर २००९ ७:१७ PM  

आज की सच्चाई व्यक्त करता चित्र है
सादर
प्रवीण पथिक

अविनाश वाचस्पति २३ नवम्बर २००९ ७:१७ PM  

महंगाई को उड़ाना संभव नहीं है
महंगाई सबको उड़ा रही है
और
वन्‍देमातरम कहते हुए
बन्‍दे का मातम मना रही है।

अभिषेक सागर २३ नवम्बर २००९ ७:१७ PM  

बेहतरीन कार्टून।

राजीव तनेजा २३ नवम्बर २००९ ७:१७ PM  

बढिया कटाक्ष

अनन्या २३ नवम्बर २००९ ७:१७ PM  

सचमुच यही स्थिति है।

अनिल कुमार २३ नवम्बर २००९ ७:१७ PM  

अभिषेक तिवारी जी केवल व्यंग्य को ही अपने कार्टूनों की धार नहीं बनाते बल्कि उनकी सोच भी उनके कार्टूनों में निकलती है धारदार।

मोहिन्दर कुमार २३ नवम्बर २००९ ७:१७ PM  

मरे हुये को मारना ठीक नहीं. :)

निधि अग्रवाल २३ नवम्बर २००९ ७:१७ PM  

सशक्त।

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