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टेसू के फूल [कविता] - श्रीकांत मिश्र "कांत"
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[image: Kaifi]
टेसू के फूल
खिल आये है फ़िर
बबूल के जंगल मे
स्नेह की बरसात न सही….
मुक्त …..
सर्द रिश्तों की जकड़न से
बेखबर ...
बौराये आम, पीले पत्...
आमंत्रण
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