हिंदी साहित्यिक विधाओं यथा कविता, कहानी, ग़ज़ल, आलेख, साक्षात्कार आदि की दैनिक पत्रिका
टेसू के फूल [कविता] - श्रीकांत मिश्र "कांत"
-
[image: Kaifi]
टेसू के फूल
खिल आये है फ़िर
बबूल के जंगल मे
स्नेह की बरसात न सही….
मुक्त …..
सर्द रिश्तों की जकड़न से
बेखबर ...
बौराये आम, पीले पत्...
0 comments:
Post a Comment