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कथाकार - महेश्वर नारायण सिन्हा


परिचय- 40 कहानियां विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित,
02 उपन्यास, 50 से अधिक लेख ,
राष्ट्रीय अंतराष्ट्रीय स्तर पर चित्रों का प्रकाशन
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साहित्य शिल्पी
महावीर अग्रवाल का जन्म ५ मई १९४६ छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले का गाँव `कुरुद' में हुआ। आपने एम.काम., पीएच.डी तक की शिक्षा प्राप्त की है।

आपकी प्रकाशित कृतियाँ हैं :-
लाल बत्ती जल रही है (व्यंग्य संग्रह), गधे पर सवार इक्कीसवीं सदी (व्यंग्य संग्रह), श्वेत कपोत की वसीयत (पंडित नेहरू पर), कुष्ठ और सामाजिक चेतना, न्याय के लिए लड़ता हुआ जटायु, आखिर कब तक (सात नाटकों का संकलन), काशी का जुलाहा (कबीर पर एक पूर्ण नाटक), छत्तीसगढ़ी लोक नाट्य: नाचा (शोधग्रंथ), तीजन की कहानी (नव साक्षरों के लिए), पंडवानी की खुशबू: ऋतु वर्मा , हबीब तनवीर का रंग संसार।
आपके द्वारा सम्पादित पुस्तकें हैं:- शमशेर: कवि से बड़े आदमी, नागार्जुन: विचार सेतु , त्रिलोचन:किंवदंती पुरुष, मुकुटधर पाण्डेय: व्यक्ति एवं रचना, कबीर तेरे रुप अनेक, संवेदना के धरातल, निरक्षर व्यक्ति क्यों पढ़ें, सूत्रधार (बीस नाटकों का संकलन), लोक संस्कृति: आयाम एवं परिप्रेक्ष्य, श्री व्यंग्य सप्तक (दो खण्डों में)।

आप साहित्यिक पत्रिका `सापेक्ष' का २५ वर्षों से संपादन कर रहे हैं।

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रचनाकार परिचय:-

मनोज रूपड़ा एक सुपरिचित कथाकार हैं। अपनी पंद्रह वर्ष से भी अधिक के साहित्यिक जीवन में हालाँकि संख्या के हिसाब से बहुत कम लिखा है परंतु इतनी रचनायें भी अपनी उत्कृष्टता के चलते उन्हें एक सशक्त रचनाकार साबित करने में सक्षम हैं। अपनी पुस्तक "दफ़न और अन्य कहानियाँ" के लिये इंदु शर्मा कथा सम्मान प्राप्त करने वाले मनोज जी के विषय में अधिक जानने के लिये आप प्रसिद्ध कथाकार सूरजप्रकाश जी का संस्मरण भी पढ़ सकते हैं।

मंगलेश डबराल

समकालीन कवियों में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले मंगलेश डबराल का जन्म 16 मई 1948 को काफलपानी गाँव, टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड में हुआ। आपकी प्रमुख कृतियाँ हैं - पहाड़ पर लालटेन (1981); घर का रास्ता (1988); हम जो देखते हैं (1995)आदि। आपको अनेकों सम्मानों से नवाजा गया है जिनमें - ओमप्रकाश स्मृति सम्मान (1982); श्रीकान्त वर्मा पुरस्कार (1989) और " हम जो देखते हैं" के लिये साहित्य अकादमी पुरस्कार (2000) आदि प्रमुख हैं।
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रचनाकार परिचय:-

11 मार्च 1959 को (बीकानेर, राजस्‍थान) में जन्मे मुकेश पोपली ने एम.कॉम., एम.ए. (हिंदी) और पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्‍नातकोत्‍तर किया है और वर्तमान में भारतीय स्‍टेट बैंक, दिल्‍ली में राजभाषा अधिकारी के पद पर कार्यरत है|

अनेक पुरुस्कारों से सम्मानित मुकेश जी की रचनायें कई प्रसिद्ध पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रही हैं| आपका एक कहानी संग्रह "कहीं ज़रा सा..." भी प्रकाशित है। आकाशवाणी, बीकानेर से भी आपकी कई रचनाओं का प्राय: प्रसारण होता रहा है।

आप अंतर्जाल पर भी सक्रिय हैं और अपना एक ब्लाग "स्वरांगन" चलाते हैं।

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मोहन राणा का जन्म 1964 में दिल्ली में हुआ। वे दिल्ली विश्वविद्यालय से मानविकी में स्नातक हैं, आजकल ब्रिटेन के बाथ शहर के निवासी हैं। उनके 6 कविता संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं।

जगह(1994), जैसे जनम कोई दरवाजा (1997), सुबह की डाक (2002), इस छोर पर (2003), पत्थर हो जाएगी नदी(2007), धूप के अँधेरे में (2008)। एक द्विभाषी संग्रह "With Eyes Closed" का प्रकाशन 2008 में हुआ है।

कवि-आलोचक नंदकिशोर आचार्य के अनुसार - हिंदी कविता की नई पीढ़ी में मोहन राणा की कविता अपने उल्लेखनीय वैशिष्टय के कारण अलग से पहचानी जाती रही है, क्योंकि उसे किसी खाते में खतियाना संभव नहीं लगता। यह कविता यदि किसी विचारात्मक खांचे में नहीं अँटती तो इसका यह अर्थ नहीं लिया जाना चाहिए कि मोहन राणा की कविता विचार से परहेज करती है - बल्कि वह यह जानती है कि कविता में विचार करने और कविता के विचार करने में क्या फर्क है। मोहन राणा के लिए काव्य रचना की प्रक्रिया अपने में एक स्वायत्त विचार प्रक्रिया भी है।

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पूरा नाम : मधुलता

जन्म : ४ जनवरी, १९५८ (भारत)

शिक्षा : एम.ए.

संप्रति : भारत सरकार के एक संस्थान में कार्यरत,

साहित्यिक कार्यकलाप: सामाजिक विषयों पर लेखन, भारतीय लेखकों के साक्षात्कार, स्वतंत्र लेखन, आकाशवाणी से कई पुस्तक-समीक्षायें प्रसारित, परिचर्चाओं में भागीदारी, मंचन से भी जुड़ाव

रूचि : जन-संपर्क व मित्रता करने व निभाने में

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जन्मः अप्रैल १९३३ , दिल्ली, भारत

शिक्षाः एम.ए., लन्दन विश्वविद्यालय तथा ब्राइटन विश्वविद्यालय में गणित, ऑडियो विज़ुअल एड्स तथा स्टटिस्टिक्स। उर्दू का भी अध्ययन।

कार्य-क्षेत्रः १९६२ - १९६४ तक स्व: श्री ढेबर भाई जी के प्रधानत्व में भारतीय घुमन्तूजन (Nomadic Tribes) सेवक संघ के अन्तर्गत राजस्थान रीजनल ऑर्गनाइज़र के रूप में कार्य किया। १९६५ में इंग्लैण्ड के लिये प्रस्थान। १९८२ तक भारत, इंग्लैण्ड तथा नाइजीरिया में अध्यापन। अनेक एशियन संस्थाओं से संपर्क रहा। तीन वर्षों तक एशियन वेलफेयर एसोशियेशन के जनरल सेक्रेटरी के पद पर सेवा करता रहा। १९९२ में स्वैच्छिक पद से निवृत्ति के पश्चात लन्दन में ही मेरा स्थाई निवास स्थान है।

१९६० से १९६४ की अवधि में महावीर यात्रिक के नाम से कुछ हिन्दी और उर्दू की मासिक तथा साप्ताहिक पत्रिकाओं में कविताएं, कहानियां और लेख प्रकाशित होते रहे। १९६१ तक रंग-मंच से भी जुड़ा रहा ।

दिल्ली से प्रकाशित हिंदी मासिक पत्रिकाओं कादम्बिनी”,”सरिता”, “गृहशोभा”,  हैदराबाद से प्रकाशित  पुष्पक” तथा वैब मैग्ज़ीनकलायन”, “गर्भनाल”, “काव्यालय”, “इन्द्र दर्शन”(इंदौर), “निरंतर”, ”अभिव्यक्ति”, “अनुभूति”, “साहित्यकुञ्ज”, “महावीर”, “अनुभूति कलश” आदि अनेक जालघरों में हिन्दी और उर्दू भाषा में कविताएं ,कहानियां और लेख प्रकाशित होते रहते हैं। 



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द्वि-भाषिक कवि -- हिन्दी और अंग्रेज़ी।

सन्1941 के लगभग अंत से काव्य-रचना आरम्भ। तब कवि (पन्द्रह वर्षीय) 'विक्टोरिया कॉलेज, ग्वालियर' में इंटरमीडिएट (प्रथम वर्ष) का छात्र था। सम्भवतः प्रथम कविता 'सुख-दुख' है; जो वार्षिक पत्रिका 'विक्टोरिया कॉलेज मेगज़ीन' के किसी अंक में छपी थी। वस्तुतः प्रथम प्रकाशित कविता 'हुंकार' है; जो 'विशाल भारत' (कलकत्ता) के मार्च 1944 के अंक में प्रकाशित हुई।

लगभग छह वर्ष की काव्य-रचना का परिप्रेक्ष्य स्वतंत्रता-पूर्व भारत; शेष स्वातंत्र्योत्तर।

हिन्दी की तत्कालीन तीनों काव्य-धाराओं से सम्पृक्त -- राष्ट्रीय काव्य-धारा, उत्तर छायावादी गीति-काव्य, प्रगतिवादी कविता।

समाजार्थिक-राष्ट्रीय-राजनीतिक चेतना-सम्पन्न रचनाकार।

सन्1946 से प्रगतिवादी काव्यान्दोलन से सक्रिय रूप से सम्बद्ध। 'हंस' (बनारस / इलाहाबाद) में कविताओं का प्रकाशन। तदुपरान्त अन्य जनवादी-वाम पत्रिकाओं में भी। प्रगतिशील हिन्दी कविता के द्वितीय उत्थान के चर्चित हस्ताक्षर।

सन्1949 से काव्य-कृतियों का क्रमशः प्रकाशन।

प्रगतिशील मानवतावादी कवि के रूप में प्रतिष्ठित। समाजार्थिक यथार्थ के अतिरिक्त अन्य प्रमुख काव्य-विषय -- प्रेम, प्रकृति, जीवन-दर्शन। दर्द की गहन अनुभूतियों के समान्तर जीवन और जगत के प्रति आस्थावान कवि। अदम्य जिजीविषा एवं आशा-विश्वास के अद्भुत-अकम्प स्वरों के सर्जक।

काव्य-शिल्प के प्रति विशेष रूप से जागरूक।

छंदबद्ध और मुक्त-छंद दोनों में काव्य-सॄष्टि। छंद-मुक्त गद्यात्मक कविता अत्यल्प। मुक्त-छंद की रचनाएँ भी मात्रिक छंदों से अनुशासित।

काव्य-भाषा में तत्सम शब्दों के अतिरिक्त तद्भव व देशज शब्दों एवं अरबी-फ़ारसी (उर्दू), अंग्रेज़ी आदि के प्रचलित शब्दों का प्रचुर प्रयोग।

सर्वत्र प्रांजल अभिव्यक्ति। लक्षणा-व्यंजना भी दुरूह नहीं। सहज काव्य के पुरस्कर्ता। सीमित प्रसंग-गर्भत्व।

विचारों-भावों को प्रधानता। कविता की अन्तर्वस्तु के प्रति सजग।

26 जून 1926 को प्रातः 6 बजे झाँसी (उ. प्र.) में, ननसार में, जन्म।

प्रारम्भिक शिक्षा झाँसी, मुरार (ग्वालियर), सबलगढ़ (मुरैना) में। शासकीय विद्यालय, मुरार (ग्वालियर) से मैट्रिक (सन्1941), विक्टोरिया कॉलेज, ग्वालियर (सत्र 41-42) और माधव महाविद्यालय, उज्जैन (सत्र : 42-43) से इंटरमीडिएट (सन्1943), विक्टोरिया कॉलेज, ग्वालियर से बी. ए. (सन्1945), नागपुर विश्वविद्यालय से सन्1948 में एम. ए. (हिन्दी) और सन्1957 में 'समस्यामूलक उपन्यासकार प्रेमचंद' विषय पर

पी-एच. डी.

जुलाई 1945 से अध्यापन-कार्य -- उज्जैन, देवास, धार, दतिया, इंदौर, ग्वालियर, महू, मंदसौर में।

'कमलाराजा कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, ग्वालियर (जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर) से 1 जुलाई 1984 को प्रोफ़ेसर-अध्यक्ष पद से सेवानिवृत्त।

कार्यक्षेत्र : चम्बल-अंचल, मालवा, बुंदेलखंड।

सम्प्रति शोध-निर्देशक -- हिन्दी भाषा एवं साहित्य।

अधिकांश साहित्य 'महेंद्रभटनागर-समग्र' के छह-खंडों में एवं काव्य-सृष्टि 'महेंद्रभटनागर की कविता-गंगा' के तीन खंडों में प्रकाशित।

सम्पर्क :

डा. महेंद्रभटनागर
सर्जना-भवन, 110 बलवन्तनगर, गांधी रोड, ग्वालियर -- 474 002 [म. प्र.]

फ़ोन : 0751-4092908 / मो. 98 934 09793

E-Mail : [email protected]

[email protected]

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नाम - मीनाक्षी जिजीविषा

संप्रति - माधव कुंज, 892/10, हाउसिंग बोर्ड कालोनी, फरीदाबाद

कृतियाँ - अनेक संयुक्त काव्य संकलन प्रकाशित, जिनमें से प्रमुख हैं क्षितिज खोजते पखेरू, सृजन के झहरोखे से, यादें, काव्यधारा, काव्यांजलि, इन्द्रपिनाक इत्यादि। पलकों पर रखे स्वप्न फूल (हिन्दी अकादमी द्वारा पुरस्कृत वर्ष 2001), दिल के मौसम (काव्य संग्रह हरियाणा साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत वर्ष 2005-2006) लघुकथा संग्रह। इस तरह से भीस्त्री होने के मायने काव्यसंग्रह प्रकाशन में, लगभग सभी पत्र पत्रिकाओं में रचनायें प्रकाशित, प्रमुख हैं - दैनिक ट्रिव्यून, दैनिक भासकर, राष्ट्रीय सहारा, दैनिक जागरण, हंस, इंडिया न्यूज, वागर्थ, कादम्बनी, कथादेश, आजकल, पल-प्रतिपल, सीनियर इंडिया, इस्पात भाषा भारतीय साहित्य।

साहित्यिक पत्रिका साहित्य जनमंच की उप संपादिका

गतिविधियाँ - साहित्य कला संगम (हिसार, राज्तकवि उदयभानू हंस की संस्था की सक्रिय सदस्य), ऋचा (अखिल भारतीय लेखिका संख दिल्ली, स्व. दिनेश नंदिनी डालमिया की साहित्यिक संस्था), युवा चेतना मंडल (दिल्ली) की सदस्या, पहचान (नारी अभिव्यक्ति मंच फरीदाबाद) की सक्रिय सदस्य, अखिल भारतीय राजभाषा विकास परिषद (गाजियाबाद) की सक्रिय सदस्य।

सम्मान - महीयसी महादेवी वर्मा सम्मान से सम्मानित -वर्ष 2001

दीपशिखा सम्मान से सम्मानित - वर्ष 2002

सुभद्रा कुमारी चौहान सम्मान से समानित - वर्ष 2003

सूरीनाम के राजदूत कृष्णदत्त बैजनाथ द्वारा राष्ट्रीय प्रतिभा सम्मान से सम्मानित - वर्ष 2005

वुमन अचीवर ऑफ हरियाणा से सम्मानित वर्ष - वर्ष 2006-07

हंस कविता सम्मान से सम्मानित - वर्ष 2008



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जन्म: 14 मार्च, 1956
स्थान: पालमपुर, हिमाचल प्रदेश
शिक्षा: प्राइमरी शिक्षा - सेंट पालज हाई स्कूल, पालमपुर, हिमाचल प्रदेश
माध्यमिक शिक्षा - गोवर्नमेंट हाई स्कूल, इन्ड्रूजगंज, नई दिल्ली
स्नातक - बी. एस . सी. - 1978, गुरु गोविन्द सिहं खालसा कालेज, नोर्थ दिल्ली केम्पस , दिल्ली यूनिवर्सिटी, दिल्ली.
स्नातकोतर - एम. ए . (पब्लिक एडमिन्सट्रेशन) , राजस्थान यूनिवर्सिटी.
रुचि: पुस्तकें बचपन से प्रिय रही हैं. कुछ मन पसन्द पुस्तकों की सूची निम्न है:
प्रतिज्ञा, कफ़न, गौदान, गबन, मानसरोवर नमक का दरोगा, निर्मला - मुन्शी प्रेम चन्द, चन्द्रकान्ता सन्तति - बाबू देवकी नंदन खत्री, मृणालिनी, आनंद मठ - बंकिम चन्द्र चैटर्जी, अनटचेबल - मुल्कराज आनन्द, अतीत के चलचित्र , पथ के साथी, संकल्पिता, हिमालय, सांध्यगीत - महादेवी वर्मा, ट्रेन टू पाकिस्तान - खुशवन्त सिंह, हिमालयन वलन्डर - कर्नल जे पी देहलवी, हू मूव्ड माई चीज - जोनाथन स्पेनसर, और भी बहुत सी जिनके नाम ये अक्सर भूल जाते हैं।
संगीत - भारतीय शास्त्रीय व हल्का संगीत
ग़ज़लें - मेंहदी हसन, मुन्नी बेगम, गुलाम अली, जगजीत सिंह चित्रा सिंह, पिनाज मसानी, पंकज उधास
पुराने हिन्दी फ़िल्मी गाने - मुहम्मद रफ़ी, मुकेश कुमार, किशोर कुमार, मन्नाडे, तलत महमूद, लता मंगेश्कर, आशा भोंसले.
सेवारतः दिसम्बर 1978 - जुलाई 1979 - कृषि मंत्रालय
जुलाई 1979 - नवम्बर 1982 - वित्त मंत्रालय
डारेक्टरोरेट आफ़ इन्टेलिजैन्स (डी.आर .आई)
नवम्बर 1982 के बाद - (निजी सचिव / उप प्रबन्धक)
इन्डियन आयल कार्पोरेशन लिमिटेड, कार्पोरेट आफ़िस, नई दिल्ली .

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साहित्य शिल्पी के कुछ प्रमुख रचनाकार

अजय कुमार अजय अक़्स
अखिलेश अजय यादव
अदिति मजुमदार डॉ॰ अंजना संधीर
अनवार आलम अनिल कान्त
डॉ. अनिल चड्डा अनिल पाराशर
अनिल पुसदकर अनुपमा चौहान
अब्दुल रहमान मन्सूर अभिषेक “कार्टूनिस्ट"
अभिषेक सागर अम्बरीष श्रीवास्तव
अमन दलाल अमित कुमार राणा
अमितोष मिश्रा डॉ० अरविन्द मिश्र
अलबेला खत्री अवनीश एस. तिवारी
अविनाश वाचस्पति प्रो. अश्विनी केशरवानी
डॉ. अ. कीर्तिवर्धन
डॉ० सुरेश तिवारी सुरेश शर्मा
संदीप कुमार सीमा सचदेव
संगीता पुरी सुमन बाजपेयी
संजीव सुशील कुमार
समीर लाल संजीव वर्मा "सलिल"
सुधा भार्गव डॉ० सुधा ओम ढींगरा
सत्यजीत भट्टाचार्य सुभाष नीरव
सतपाल ख्याल सुशील छोक्कर
सुनीता चोटिया सुषमा गर्ग
संजीव तिवारी सूरज प्रकाश
स.र. हरनोट सुदर्शन प्रियदर्शनी
सनत कुमार जैन सुमित सिंह
सुमन 'मीत' सुषमा झा
सुलभ 'सतरंगी' डॉ० सुभाष राय
डॉ० मोहम्मद साजिद खान संगीता मनराल
संजय जनांगल सरोज त्यागी

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