इक ज़रा सी बात पर [ग़ज़ल] - दीपक गुप्ता
रचनाकार परिचय:-इक ज़रा सी बात पर
आ गए औकात पर
आप भी हंसने लगे
अब मेरे जज़्बात पर
हँसते - हँसते रो पड़ा
वो मेरे हालात पर
फिर ज़मीं प्यासी हुई
फिर नज़र बरसात पर
ज़िंदगानी वार दो
प्यार के लम्हात पर
कविता/गज़ल: अब्दुल रहमान "मन्सूर", ओमप्रकाश शर्मा, श्यामल सुमन, कुलदीप अन्जुम, नीरज गोस्वामी, सुशील कुमार
कहानी/लघुकथा: सूरज प्रकाश, शक्ति प्रकाश
हिन्दी साहित्य का इतिहास: जायसी और उनका पद्मावत (प्रस्तुति - अजय यादव)
वीडियो: ग्लोबल वार्मिंग पर राजीव रंजन प्रसाद की कविता का प्रसारण "चैनल वन" से (प्रस्तुति - देवेश वशिष्ठ ’खबरी’)
काव्य का रचना शास्त्र - आचार्य संजीव वर्मा ‘सलिल’

कार्टून - अभिषेक तिवारी
रचनाकार परिचय:-©सर्वाधिकार सुरक्षित- "साहित्य शिल्पी " एक अव्यवसायिक साहित्यिक ई-पत्रिका है। इस में प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। प्रकाशित रचनाओं के विचारों से "साहित्य शिल्पी" का सहमत होना आवश्यक नहीं है।
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5 comments:
लाजवाब करते हुए शेर है गीपक जी
गजल के व्याकरण का पता नहीं मुझे , लेकिन शेर तो मजेदार हैं , खास कर कम शब्दों वाले हैं |
बधाई |
अवनीश तिवारी
WAH WAH WAH WAH
Alok Kataria
शब्द के छोटी छोटी सीपियों में इतने अनमोल मोती आपने पन्नो पर बिखेर दिए हैं कि हर शेर को पढ़ मन वाह कर उठता है...
लाजवाब ग़ज़ल..सिम्पली ग्रेट..
सुन्दर..
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