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Saturday, July 4, 2009

मौसम की पहली बारिश [कविता] - देवमणि पांडेय

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साहित्य शिल्पीरचनाकार परिचय:-

4 जून 1958 को सुलतानपुर (उ.प्र.) में जन्मे देवमणि पांडेय हिन्दी और संस्कृत में प्रथम श्रेणी एम.ए. हैं।

अखिल भारतीय स्तर पर लोकप्रिय कवि और मंच संचालक के रूप में सक्रिय हैं। अब तक आपके दो काव्यसंग्रह प्रकाशित हो चुके हैं- "दिल की बातें" और "खुशबू की लकीरें"।

मुम्बई में एक केंद्रीय सरकारी कार्यालय में कार्यरत पांडेय जी ने फ़िल्म 'पिंजर', 'हासिल' और 'कहाँ हो तुम' के अलावा कुछ सीरियलों में भी गीत लिखे हैं। फ़िल्म 'पिंजर' के गीत "चरखा चलाती माँ" को वर्ष 2003 के लिए 'बेस्ट लिरिक आफ दि इयर' पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। आपके द्वारा संपादित सांस्कृतिक निर्देशिका 'संस्कृति संगम' ने मुम्बई के रचनाकारों को एकजुट करने में अहम भूमिका निभाई है।

छ्म छम छम दहलीज़ पे आई मौसम की पहली बारिश
गूंज उठी जैसे शहनाई मौसम की पहली बारिश

वर्षा का आंचल लहराया
सारी दुनिया चहक उठी
बूंदों ने की सरगोशी तो
सोंधी मिट्टी महक उठी
मस्ती बनकर दिल में छाई मौसम की पहली बारिश

रौनक़ तुझसे बाज़ारों में
चहल पहल है गलियों में
फूलों में मुस्कान है तुझसे
और तबस्सुम कलियों में
झूम रही तुझसे पुरवाई मौसम की पहली बारिश

पेड़-परिन्दें, सड़कें, राही
गर्मी से बेहाल थे कल
सबके ऊपर मेहरबान हैं
आज घटाएं और बादल
राहत की बौछारें लाई मौसम की पहली बारिश

बारिश के पानी में मिलकर
बच्चे नाव चलाते हैं
छत से पानी टपक रहा है
फिर भी सब मुस्काते हैं
हरी भरी सौग़ातें लाई मौसम की पहली बारिश

सरक गया जब रात का घूंघट
चांद अचानक मुस्काया
उस पल हमदम तेरा चेहरा
याद बहुत हमको आया
कसक उठी बनकर तनहाई मौसम की पहली बारिश

11 टिप्पणियाँ:

अजय यादव July 4, 2009 6:16 AM  

वर्षा का आंचल लहराया
सारी दुनिया चहक उठी
बूंदों ने की सरगोशी तो
सोंधी मिट्टी महक उठी

पहली बारिश का इन्तज़ार किसको नहीं होता! बहुत खूबसूरत अंदाज में आपने उस खुशी का इज़हार किया जो मौसम की पहली बरसात के साथ ही मन-मस्तिष्क पर छा जाती है। बधाई, इस पहली बारिश और एक सुंदर कविता की!

डॉ. मनोज मिश्र July 4, 2009 8:12 AM  

सुंदर रचना .

Nirmla Kapila July 4, 2009 10:04 AM  

वर्षा का आंचल लहराया
सारी दुनिया चहक उठी
बूंदों ने की सरगोशी तो
सोंधी मिट्टी महक उठी
मस्ती बनकर दिल में छाई
की पहली बारिश
बहुत सुन्दर भावमय कविता है बधाई

"अर्श" July 4, 2009 11:56 AM  

सरक गया जब रात का घूंघट
चांद अचानक मुस्काया
उस पल हमदम तेरा चेहरा
याद बहुत हमको आया
कसक उठी बनकर तनहाई मौसम की पहली बारिश

DEV SAHIB KO IS NAAYAB GAAYEE AANE WAALI KAVITAA KE LIYE DIL SE DHERO BADHAAYE AGAR SACH KAHUN TO GAAYEE JAANE WAALI BAHOT HI KAM KAVITAYEN PADHNE KO MILTI HAI JO WASTAVIK ROOP HAI KBAYA KA .... PURI TARAH SE VISMIT KAR DENE WAALI IS NAAYAB KAVITAA KE LIYE DEV SAHIB KO DIL SE BAHOT BAHOT BADHAAYEE... AUR SAHITYASHILPI KO ISKE LIYE DHERO SADHUVAAD....
MAIN LOGON SE YAHI KAHUNGA KE IS PAWAN KAVITA PE DIL KHOL KE DAAD DEN ... JISASE KABYA KI MAULIKATA BANI RAHI AUR IS ADHBHOOT KAVITAA SE YE KHASA JAAHIR HAI...

ARSH

"अर्श" July 4, 2009 11:56 AM  
यह पोस्टलेखक के द्वारा निकाल दी गई है.
Dr. Mahendra Bhatnagar July 4, 2009 12:02 PM  

सत्र की प्रथम वर्षा का सहज उल्लास!
रचना का कला-सौष्ठव आकर्षक!
बधाई!
सुकवि देवमणि पाण्डेय मेरे प्रिय गीति-शिल्पी।
*महेंद्रभटनागर

नीरज गोस्वामी July 4, 2009 4:25 PM  

देवमणि जी आपने तो इस रचना को मुझे भेजा था अपने ब्लॉग पर लगाने के लिए और इसे मैं यहाँ देख रहा हूँ...कोई बात नहीं ये रचना जहाँ भी होगी वहीँ खुशियों की बारिश करेगी...अद्भुत बारिश गीत है ये. बधाई...
नीरज

अतुल्य July 4, 2009 8:21 PM  

बारिश का मौसम सहज ही सबको आकर्षित करता है और जब बात मौसम की पहली बरसात की हो तो ये आकर्षण कई गुणा बढ़ जाता है।
मोहक प्रस्तुतिकरण के लिये बधाई स्वीकारें।

अर्चना तिवारी July 4, 2009 10:20 PM  

बहुत ही सुंदर रचना...मन भीग गया

विपुल July 5, 2009 5:55 AM  

सरक गया जब रात का घूंघट
चांद अचानक मुस्काया
उस पल हमदम तेरा चेहरा
याद बहुत हमको आया

यहां कुछ नया सा लगा..

दिगम्बर नासवा July 5, 2009 7:16 PM  

वर्षा का आंचल लहराया
सारी दुनिया चहक उठी
बूंदों ने की सरगोशी तो
सोंधी मिट्टी महक उठी

बारिश की इंतज़ार और उसके आगमन में लिखी लाजवाब रचना

जूलाई -2009 में अब तक प्रकाशित...

स्थायी स्तंभ:-
गज़ल: शिल्प और संरचना:
नाटक पर स्थायी स्तंभ:तनवीर का रंग संसार - महावीर अग्रवाल
काव्य का रचना शास्त्र - आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल': काव्य का रचना शास्त्र: 17, काव्य का रचना शास्त्र: 18,
हितोपदेश की कहानियों का काव्यरूप:- हितोपदेश का काव्यानुवाद - 4- सीमा सचदेव,
आलेख:- जगजीवन राम [पुण्यतिथि (6 जुलाई) पर विशेष] - राम शिवमूर्ति यादव कृष्ण कुमार यादव तनवीर का रंग संसार [आलेख] - महावीर अग्रवाल

जूलाई -2009 में अब तक प्रकाशित...

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वीडियो:- डॉ. कुँअर बेचैन,
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