Photobucket

साहित्य शिल्पीरचनाकार परिचय:-


मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में जन्मे अमन दलाल एमिटी विश्वविद्यालय, नोएडा में बी.टेक. के विद्यार्थी हैं।

लेखन में बहुत अर्से से रूचि है। विद्यालयीन स्तर पर लेखन, वाद-विवाद आदि के लिये कई बार पुरुस्कृत भी हुये हैं। अंतरजाल पर भी सक्रिय हैं।

जज्बात पे मेरे रहम की नज़र कर,
इनायत हो, पाकीजा मेरे शामो-सहर कर,
मेरी दुआएं भी अब मुकम्मल हों!
मेरे दिल की जमीं पर ऐसी, नमाज़-ऐ-अज़र कर
फरियाद है, अब मुझे तू प्यार कर...

मेरे खवाबों को भी, रहमतें नवाज़ कर,
जेहन में मेरे भी, छोटा एक घर कर,
उस खुदा का रुतबा, और बढ़ा ज़रा
आकर आवाज़ मेरी, नई ग़ज़ल कर
फरियाद है, अब मुझे तू प्यार कर...

हो, न यकीं गर मुकद्दर पर,
भावो से मेरे अजान, वो गीता-उवाच कर,
मिसालों में कहीं रख छोड़ मुझे,
थाम ले दामन, दिल पर नज़रे-करम कर,
फरियाद है, अब मुझे तू प्यार कर...
अब मुझे तू प्यार कर...

6 comments:

  1. जेहन में मेरे भी, छोटा एक घर कर,
    bahut khoob

    उत्तर देंहटाएं
  2. मेरे दिल की जमीं पर ऐसी, नमाज़-ऐ-अज़र कर
    फरियाद है, अब मुझे तू प्यार कर...
    kya baat kahi hai apne

    उत्तर देंहटाएं
  3. सुधार की बहुत गुंज़ाइश है अभी!

    उत्तर देंहटाएं
  4. मेरे दिल की जमीं पर ऐसी,
    नमाज़-ऐ-अज़र कर फरियाद है,
    अब मुझे तू प्यार कर...

    sundar likha hai .....

    उत्तर देंहटाएं
  5. बहुत अच्छे अमन भाई... भाव उमड़ कर आ रहे हैं .. शब्दों से अधिक शिल्प को महत्व दें तो और सुन्दर परिणाम पाएंगे | :-)

    उत्तर देंहटाएं

आपका स्नेह और प्रस्तुतियों पर आपकी समालोचनात्मक टिप्पणियाँ हमें बेहतर कार्य करने की प्रेरणा प्रदान करती हैं.

पुस्तकालय

~~~ साहित्य शिल्पी का पुस्तकालय निरंतर समृद्ध हो रहा है। इन्हें आप हमारी साईट से सीधे डाउनलोड कर के पढ सकते हैं ~~~~~~~

डाउनलोड करने के लिए चित्र पर क्लिक करें...

आइये कारवां बनायें...

साहित्य शिल्पी, हिन्दी और साहित्य की सेवा का मंच, एक ऐसा अभियान.. जो न केवल स्थापित एवं नवीन रचनाकारों के बीच एक सेतु का कार्य करेगा अपितु अंतर्जाल पर हिन्दी के प्रयोग और प्रोत्साहन का एक अभिनव सोपान भी है, अपने सुधी पाठको के समक्ष कविता, कहानी, लघुकथा, नाटक, व्यंग्य, कार्टून, समालोचना तथा सामयिक विषयो पर परिचर्चाओं के साथ साहित्य शिल्पी समूह आपके समक्ष उपस्थित है। यदि राष्ट्रभाषा हिदी की प्रगति के लिए समर्पित इस अभियान में आप भी सहयोग देना चाहते हैं तो अपना परिचय, तस्वीर एवं कुछ रचनायें हमें निम्नलिखित ई-मेल पते पर प्रेषित करें।
sahityashilpi@gmail.com
आइये कारवां बनायें...

Followers

Google+ Followers

Get widget