मैं तुम में ही
खुद को ढूँढ लेती हू..
तुम्हारे लफ्जों में
अपना दर्द जी लेती हू..
बाकि कुछ रह जाता नहीं..
कहने को फिर...
की तुम मुझ में ही
हो तो सही...
ये सोच
बढ़ते फासलों को
समेट लेती हू...!

लम्हे प्यार के..
जब कभी सुकड़ जाते है..
तब..
दर्द के साए
थोड़े और बढ़ आते है..!

मगर जब भी
रुख बदलते है मौसम के..
और बसंत के मेघ
जब बरस जाते है..
दर्द की जमी बरफ
तब पिघल जाती है..!

जान जाती हू तब..
की तुम कुछ अलग तो नहीं..
दर्द तुम भी तो
जीते हो वही
और ऐसे में तुम
ढलते हो
रिसती बरफ से लफ्जों में..

तब तुम्हारे लफ्जों में..
अपना दर्द जी लेती हू..
और तुम में ही
खुद को ढूंढ लेती हू..!!

17 comments:

  1. प्रेम में पूर्णता तलाशती और स्वंय से संवाद करती एक सुन्दर रचना.

    उत्तर देंहटाएं
  2. pyar hamen aise hi poornta deta hai.. kabhi ham khud ko kisi aur men dhundh lete hain...kabhi khud men kisi aur ko...!sundar rachna

    उत्तर देंहटाएं
  3. तब तुम्हारे लफ्जों में..
    अपना दर्द जी लेती हू..
    और तुम में ही
    खुद को ढूंढ लेती हू..!!

    बहुत सुन्दर कविता

    उत्तर देंहटाएं
  4. achhi kwita hai nirntr likho anytha n len to kahta hon vsnt ke megh nhi brste bsnt me fool brste hain baki sundr hai
    dr. ved vyathit faridabad

    उत्तर देंहटाएं
  5. बहुत अच्छी प्रेम कविता बधाई.

    निशा

    उत्तर देंहटाएं
  6. लम्हे प्यार के..
    जब कभी सुकड़ जाते है..
    तब..
    दर्द के साए
    थोड़े और बढ़ आते है..!
    bahut sundar abhivyakti...lamhe sikudane aur fasle badhane ki baat..umda soch...

    मगर जब भी
    रुख बदलते है मौसम के..
    और बसंत के मेघ
    जब बरस जाते है..
    दर्द की जमी बरफ
    तब पिघल जाती है..!

    basant men megho ka barasna...ek anootha prayog hai...kyon ki basant men bahut kam hota hai ki barish ho..aur aapki rachna kahti hai ki yadi aisa hota hai to dard ki barf pighal jati hai....sundar kalpna..

    aur jab dard pighal jata hai to..

    और ऐसे में तुम
    ढलते हो
    रिसती बरफ से लफ्जों में..
    prem ki prakashtha ka varnan hai....

    sundar rachna....badhai

    उत्तर देंहटाएं
  7. जान जाती हू तब..
    की तुम कुछ अलग तो नहीं..
    दर्द तुम भी तो
    जीते हो वही
    और ऐसे में तुम
    ढलते हो
    रिसती बरफ से लफ्जों में..

    तब तुम्हारे लफ्जों में..
    अपना दर्द जी लेती हू..
    और तुम में ही
    खुद को ढूंढ लेती हू..!!
    स्वागत है अनामिका जी।

    उत्तर देंहटाएं
  8. anamika ji
    namaskar ..

    तब तुम्हारे लफ्जों में..
    अपना दर्द जी लेती हू..
    और तुम में ही
    खुद को ढूंढ लेती हू..!!

    aapne ye likhkar kavita me praan foonkh diye hai ...main to nishabd hoo ji ..

    Meri badhai sweekar karen..

    regards

    vijay
    www.poemsofvijay.blogspot.com

    उत्तर देंहटाएं
  9. Mohinder Kr. Ji..bahut bahut shukriya rachna ka vishleshan badhiya kiya aapne.

    @NATURICA ji..sahi kehte hai aap pyar me khud ko dusre me dhoondna hi to pyar ki parakashtha hai. shukriya yaha aa ker protsahit karne k liye.

    @ANANYA ji - is saraahna k liye bahut bahut dhanyewad.

    @SR BHARTI - Bahut bahut shukriya

    ABHISHEK SAGAR JI Tahe dil se dhanyewad.

    M VERMA JI - Aapne yaha aker apni upasthiti de kar utsaah badhaya thanks.

    VED VYATHIT Ji- kavi mann to ravi ki pahuch se bhi bahar hai to basant me barkha la sakta he na..(ha.ha.ha.) thanks tippani dene k liye. me b fbd se hi hu.

    NISHA JI - tahe dil se shukriya is protsahan k liye.

    SANGEETA JI - rachna ki gehrayi tak jane k liye bahut bahut shukriya. u hi utsaah badhate rahiye.thanks.

    NITESH JI - thanku sir for this welcome.

    SUSHMA JI - AAPKE HASTAKSHAR KI CHHAP K LIYE SHUKRIYA.

    SAPATTI JI - kavita me praan fookne wali apki tippani man ko chhu gayi.bahut utsahvardhan kiya apki is baat ne. tahe dil se shukriya saraahna k liye.

    RENUSAGAR JI - shukriya is protsahan k liye.

    उत्तर देंहटाएं
  10. Aap ke davara preshit sabhi kavitayen mai rojana padhta hun bhut hi rochak hoti hai , lekin mai bhi kavita likhne ka shaukin hun,Apni savam ki likhi hui tatha Aprakashit kavita kis tarah Aap ke paas bijva skta hun please mujhe btaite .

    Ratan Sharma
    Hindi Teacher
    The Aditya Birla Public School
    GCW- Kovaya, Distt-Amreli, Gujarat
    365541
    Phone- 02794-283197
    Mob No- 9427491297

    उत्तर देंहटाएं
  11. ratan sharma ji aap mujhse mukhatib ho baat kar rahe hai ya sahityashilpi site owner se baat kar rahe hai samajh nahi aaya. aap sahityashilpi pe apni rachna post karne ki baat kar rahe hai to aap sahityashilpi@gmail.com per apni rachna aur apna parichey bhej kar member banNe ki request bhejiye...uske 2-4 din bad unse apni rachna k pahuchne ki confirmation aur posting time ka puchhiye sab pata chal jayega.

    bahut bahut shukriya is post per aane k liye.

    उत्तर देंहटाएं
  12. तब तुम्हारे लफ्जों में..
    अपना दर्द जी लेती हू..
    और तुम में ही
    खुद को ढूंढ लेती हू....

    Kamal ki prastuti hai ......

    उत्तर देंहटाएं

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