द लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
द लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
2:16 pm | प्रस्तुतकर्ता
साहित्य - शिल्पी |
संदेश का संपादन करें
दिविक रमेश
बी-295, सेक्टर-20
नोएड-201301(उ०प्र०)
बी-295, सेक्टर-20
नोएड-201301(उ०प्र०)
लेबल:
द
2:07 pm | प्रस्तुतकर्ता
साहित्य - शिल्पी |
संदेश का संपादन करें

कराची (पाकिस्तान) में जन्मीं देवी नागरानी हिन्दी साहित्य जगत में एक सुपरिचित नाम हैं। आप की अब तक प्रकाशित पुस्तकों में "ग़म में भीगी खुशी" (सिंधी गज़ल संग्रह 2004), "उड़ जा पँछी" (सिंधी भजन संग्रह 2007) और "चराग़े-दिल" (हिंदी गज़ल संग्रह 2007) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त कई कहानियाँ, गज़लें, गीत आदि राष्ट्रीय स्तर के पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहे हैं। आप वर्तमान में न्यू जर्सी (यू.एस.ए.) में एक शिक्षिका के तौर पर कार्यरत हैं।.....
लेबल:
द
9:16 pm | प्रस्तुतकर्ता
साहित्य - शिल्पी |
संदेश का संपादन करें

दीपक 'बेदिल' का मूल नाम दीपक पँवार है| आप नई दिल्ली स्थित एशियाड गाँव के नज़दीक शाहपुर जाट के निवासी हैं| आप मुख्यत: गीत, गज़ल आदि लिखते हैं|
साहित्य शिल्पी पर इनकी सम्पूर्ण रचनाओं के लिए यहाँ चटखा लगाए।
लेबल:
द
4:19 pm | प्रस्तुतकर्ता
साहित्य - शिल्पी |
संदेश का संपादन करें
रचनाकार परिचय:-
साहित्य शिल्पी पर इनकी सम्पूर्ण रचनाओं के लिए यहाँ चटखा लगाए।
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जनपद में एक गांव पिपनार में 1958 में जन्म। स्थानीय कस्बे के माध्यमिक विद्यालय में इंटरमीडियेट तक की शिक्षा पूरी करने के बाद देवेद्र बनारस चले गये। उदय प्रताप कालेज, वाराणसी से बी.ए. पूरी करने के बाद हिंदी में एम.ए. करने हेतु देवेद्र ने काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में दाखिला ले लिया।
रात-रात भर जागकर दीवारों पर नारे लिखने और पोस्टर चिपकाने के रोचक और रोमांचक अनुभवों के बीच ही देवेद्र की साहित्यिक, सांस्कृतिक रुचि और सक्रियता बढ़ी।
इसी बीच देवेद्र ने हिन्दी के प्रसिद्ध कथाकार काशीनाथ सिंह के साथ "नक्सलवाड़ी आंदोलन और समकालीन हिन्दी कविता" विषय पर शोध कार्य शुरू कर दिया। देवेद्र के "सुपरवाइजर" को शोध जैसे उबाऊ और नीरस काम में कोई विशेष दिलचस्पी न थी। प्राय: हर शाम गुरु और शिष्य साथ साथ `अस्सी' जाया करते थे। उन दिनों काशीनाथ सिंह "सदी का सबसे बड़ा आदमी" संग्रह की कहानियां लिख रहे थे। देवेद्र उन कहानियों का `रफ' और `फाइनल' और फिर प्रकाशित रूप देखा करते थे। तभी उन्होंने अपनी पहली कहानी "शहर कोतवाल की कविता" लिखी।
देवेद्र को इंदु शर्मा कथा सम्मान के अलावा 1999 में उ.प्र.सरकार का यशपाल पुरस्कार मिला है।
रात-रात भर जागकर दीवारों पर नारे लिखने और पोस्टर चिपकाने के रोचक और रोमांचक अनुभवों के बीच ही देवेद्र की साहित्यिक, सांस्कृतिक रुचि और सक्रियता बढ़ी।
इसी बीच देवेद्र ने हिन्दी के प्रसिद्ध कथाकार काशीनाथ सिंह के साथ "नक्सलवाड़ी आंदोलन और समकालीन हिन्दी कविता" विषय पर शोध कार्य शुरू कर दिया। देवेद्र के "सुपरवाइजर" को शोध जैसे उबाऊ और नीरस काम में कोई विशेष दिलचस्पी न थी। प्राय: हर शाम गुरु और शिष्य साथ साथ `अस्सी' जाया करते थे। उन दिनों काशीनाथ सिंह "सदी का सबसे बड़ा आदमी" संग्रह की कहानियां लिख रहे थे। देवेद्र उन कहानियों का `रफ' और `फाइनल' और फिर प्रकाशित रूप देखा करते थे। तभी उन्होंने अपनी पहली कहानी "शहर कोतवाल की कविता" लिखी।
देवेद्र को इंदु शर्मा कथा सम्मान के अलावा 1999 में उ.प्र.सरकार का यशपाल पुरस्कार मिला है।
साहित्य शिल्पी पर इनकी सम्पूर्ण रचनाओं के लिए यहाँ चटखा लगाए।
लेबल:
द
9:43 pm | प्रस्तुतकर्ता
साहित्य - शिल्पी |
संदेश का संपादन करें
मूलतः फरीदाबाद, हरियाणा के निवासी दिगंबर नासवा को स्कूल, कौलेज के ज़माने से लिखने का शौक है जे अब तक बना हुआ है।
आप पेशे से चार्टेड एकाउंटेंट हैं और वर्तमान में दुबई स्थित एक कंपनी में C.F.O. के पद पर विगत ७ वर्षों से कार्यरत हैं।
पिछले कुछ वर्षों से अपने ब्लॉग "स्वप्न मेरे" पर लिखते आ रहे हैं।
साहित्य शिल्पी पर इनकी रचनाओ के लिये यहाँ क्लिक करें।
लेबल:
द
7:13 am | प्रस्तुतकर्ता
साहित्य - शिल्पी |
संदेश का संपादन करें
द्विजेन्द्र ‘द्विज’ का जन्म 10 अक्तूबर,1962 को हुआ। आपकी प्रकाशित कृतियाँ हैं : जन-गण-मन (ग़ज़ल संग्रह) प्रकाशन वर्ष-२००३। आपकी ग़ज़लें अनेक महत्वपूर्ण संकलनों का भी हिस्सा हैं।
आप की ग़ज़लें देश की सभी प्रमुख पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित व आकाशवाणी से प्रसारित होती रही हैं। आप अंतर्जाल पर भी सक्रिय हैं।
साहित्य शिल्पी पर इनकी रचनाओ के लिये यहाँ क्लिक करें।
लेबल:
द
12:21 pm | प्रस्तुतकर्ता
साहित्य - शिल्पी |
संदेश का संपादन करें

4 जून 1958 को सुलतानपुर (उ.प्र.) में जन्मे देवमणि पांडेय
हिन्दी और संस्कृत में प्रथम श्रेणी एम.ए. हैं। अखिल भारतीय स्तर पर लोकप्रिय कवि और मंच संचालक के रूप में सक्रिय हैं। अब तक दो काव्यसंग्रह प्रकाशित हो चुके हैं- "दिल की बातें" और "खुशबू की लकीरें"। मुम्बई में एक केंद्रीय सरकारी कार्यालय में कार्यरत पांडेय जी ने फ़िल्म 'पिंजर', 'हासिल' और 'कहां हो तुम' के अलावा कुछ सीरियलों में भी गीत लिखे हैं। फ़िल्म ' पिंजर ' के गीत '' चरखा चलाती माँ '' को वर्ष 2003 के लिए 'बेस्ट लिरिक आफ दि इयर' पुरस्कार से सम्मानित किया गया।आपके द्वारा संपादित सांस्कृतिक निर्देशिका 'संस्कृति संगम' ने मुम्बई के रचनाकारों को एकजुट करने में अहम भूमिका निभाई है।
सम्पर्कः देवमणि पाण्डेयः ए-2,
हैदराबाद एस्टेट,
नेपियन सी रोड,
मालाबार हिल, मुम्बई - 400 036,
M: 99210-82126 / R : 022-23632727,
email : [email protected]
साहित्य शिल्पी पर इनकी रचनाओ के लिये यहाँ क्लिक करें।
लेबल:
द
7:35 pm | प्रस्तुतकर्ता
साहित्य - शिल्पी |
संदेश का संपादन करें

मैं देवेश वशिष्ठ उर्फ खबरी. खबरी नाम मेरी आवारगी और घुमक्कड जिंदगी से जुड़ा है. आगरा में 6 अगस्त 1985 को पैदा हुआ. 15 वर्ष का था तब एक स्थानीय टीवी चैनल में बच्चों के शो की एंकरिंग करने लगा. दो साल तक वहीं पत्रकारिता भी की. शहर का सबसे कम उम्र पत्रकार होने की वजह से बाकी बड़े बुजुर्ग खबरिया लोग 'छोटा खबरी' नाम से पुकारने लगे. बड़ा हुआ तो छोटा शब्द हटकर सिर्फ खबरी रह गया. बाबा स्व. श्री रामनारायण शर्मा संस्कृत के मूर्धन्य विद्वान थे, और पिताजी श्री दिनेश कुमार शर्मा ब्रज भाषा में कविता करते थे. इसलिए कविता और साहित्य के संस्कार वहीं से मिले. पहली कविता कब लिखी थी, ठीक से याद नहीं लेकिन पांचवी क्लास में किसी स्कूली समारोह में अपनी लिखी कविता ही गाई थी. आगरा छोड़ा, भोपाल के माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रिकारिता विश्वविद्यालय से मॉस कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की और फिर देहरादून में स्वास्थ्य महानिदेशालय के लिए डॉक्यूमेंट्री फिल्में बनाने लगा. दिल्ली लौटा तो कई प्रोडक्शन हाऊसों में कैमरामैन, वीडियो एडिटर और कंटेन्ट राइटर की नौकरी करते हुए लाइव इंडिया चैनल में असिस्टेंट प्रड्यूसर जॉइन किया. साल भर तक काम करने के बाद मन उचटा तो इंडिया न्यूज में प्रड्यूसर हो गया. आजकल तहलका की हिंदी मैगजीन में सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहा हूं.
देवेश वशिष्ठ खबरी
संपर्क-9811852336
http://deveshkhabri.blogspot.com/
साहित्य शिल्पी पर इनकी रचनाओ के लिये यहाँ क्लिक करें।
लेबल:
द
9:13 pm | प्रस्तुतकर्ता
साहित्य - शिल्पी |
संदेश का संपादन करें
जन्म: २७ सितंबर १९८४, बिओहारी, छत्तीसगढ़। बचपन मध्य प्रदेश के गुना ज़िले में बीता।शिक्षा: बी. ई. उपकरण नियन्त्रण प्रौद्योगिकी।
जनवरी २००७ से काग्निज़ेन्ट नामक संस्था में कार्यरत।
कविता कहानियो में बचपन से ही रुचि। मेरा विश्वास है कि समाज को एक सोच और दिशा देने में साहित्य की बडी भूमिका है। कविता का सम्बन्ध केवल रस से न हो कर ह्रिदय के रसातल से भी है। एक ह्रिदयस्पर्शी साहित्यिक रचना अपने आप में एक आन्दोलन है।
सामयिक कवियों में गुलज़ार एवम निदा फ़ाज़ली से उत्प्रेरित।
साहित्य शिल्पी पर इनकी रचनाओ के लिये यहाँ क्लिक करें।
लेबल:
द
8:51 pm | प्रस्तुतकर्ता
साहित्य - शिल्पी |
संदेश का संपादन करें
नाम: दीपक गुप्ता
जन्म तिथि : 15.03.1972, दिल्ली
शिक्षा : कला स्नातक, दिल्ली विश्वविद्यालय
पता : 90(प्रथम तल) अशोका एंक्लेव (पार्ट-1)
सेक्टर-41] फरीदाबाद&121003, हरियाणा
फोन (मोबाईल):9811153282, 9311153282, 9899753282
0129 - 2250966
बेवसाईट :www. kavideepakgupta.com
ई-पता : [email protected]/yahoo.com/gmail.co.in
प्रकाशित कृतियां: सीपियों में बंद मोती (कविता संग्रह) - 1995
लगभग 12 हास्य व्यंग्य संकलनों में कवितायें प्रकाशित, हिन्दुस्तान दैनिक, नवभारत टाईम्स, कादम्बिनी, साप्ताहिक हिन्दुस्तान, गगनांचल, मुक्ता, जान्ह्वी, पंजाब केसरी, दैनिक जागरण, अमरक़ उजाला, लोकमत, ट्रिव्यून आदि प्रतिष्ठित समाचार पत्र-पत्रिकाओं में रचनायें प्रकाशित
टेलीविजन कार्यक्रम : दिल्ली दूरदर्शन, जनमत, साधना, सिटी केबल, विन केबल, टोटल टीवी, आदि चनलों से विभिन्न कार्यक्रमों का प्रसारण
रेडियो : आकाशवाणी दिल्ली के हिन्दी वार्ता, युववानी, विदेश प्रसारण सेवा तथा राष्ट्रीय चैनल पर विभिन्न कार्यक्रमों का नियमित प्रसारण
सम्मान व पुरस्कार: साहित्यिक कृति सम्मान - हिन्दी अकादमी, दिल्ली - 1995-96 (कविता संग्रह - सीपियों में बंद मोती हेतु)
राष्ट्रीय राजीव गाँधी युवा कवि अवार्ड - 1992 2वं 1994 सरस्वती रत्न सम्मान, अखिल भारतीय स्वतंत्र लेखक मंच - 2004 संस्कार भारती, हापुड द्वारा सम्मानित - 2006
दिल्ली पब्लिक लाईब्रेरी एवं हिन्दी अकादमी दिल्ली द्वारा आयोजित कविता प्रतियोगिताओं में पुरस्कार अंतर्महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय स्तर पर आयोजित विभिन्न साहित्यिक प्रतियोगिताओं में अनेक पुरस्कार
विदेश यात्रायें : नेपाल 2004, ओमान, मस्कत व सलालाह - 2007
साहित्य शिल्पी पर इनकी रचनाओ के लिये यहाँ क्लिक करें।
लेबल:
द
सदस्यता लें
संदेश (Atom)
साहित्य शिल्पी के कुछ प्रमुख रचनाकार
इसके द्वारा संचालित Blogger.
आपकी भाषा में..
साहित्य शिल्पी आपकी भाषा में। Read Sahitya Shilpi in your own script
Roman(Eng)
ગુજરાતી
বাংগ্লা
ଓଡ଼ିଆ
ਗੁਰਮੁਖੀ
తెలుగు
தமிழ்
ಕನ್ನಡ
മലയാളം
हिन्दी
आमंत्रण
साहित्य शिल्पी, हिन्दी और साहित्य की सेवा का मंच, एक ऐसा अभियान.. जो न केवल स्थापित एवं नवीन रचनाकारों के बीच एक सेतु का कार्य करेगा अपितु अंतर्जाल पर हिन्दी के प्रयोग और प्रोत्साहन का एक अभिनव सोपान भी है
अपने सुधी पाठको के समक्ष कविता, कहानी, लघुकथा, नाटक, व्यंग्य, कार्टून, समालोचना तथा सामयिक विषयो पर परिचर्चाओं के साथ साहित्य शिल्पी समूह आपके समक्ष उपस्थित है।
यदि राष्ट्रभाषा हिदी की प्रगति के लिए समर्पित इस अभियान में आप भी सहयोग देना चाहते हैं तो अपना परिचय, तस्वीर एवं कुछ रचनायें हमें निम्नलिखित ई-मेल पते पर प्रेषित करें।
[email protected]
आईये कारवां बनायें..

