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परिचय शीघ्र प्रकाशित...

प्रकाश कुमार सिंह "अर्श" मूलत: बिहार के भोजपुर जिले के निवासी हैं और दिल्ली से एम.बी.ए. करने के उपरांत वर्तमान में वरिष्ठ प्रबंधक के तौर पर एक संस्थान में कार्यरत हैं।

आप पिछले लगभग दस सालों से हिंदी में गज़लें कह रहे हैं जो विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित भी होती रही हैं।

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नाम : प्रकाश पंकज (पंकज)

जन्म : मुजफ्फरपुर, बिहार.

उम्र : २४

शिक्षा : बिरला प्रोद्योगिकी संस्थान , मेसरा, रांची से मास्टर ऑफ़ कंप्यूटर एप्लिकेशन्स।

वर्त्तमान में कोलकाता में एक बहूराष्ट्रीय कम्पनी में सॉफ्टवेर इंजिनियर के रूप में कार्यरत । अनेकों ब्लोग्स, ईपत्रिकाओं आदि में नीयमित लेखन।

प्रदीप भारद्वाज “कवि”
मोदीनगर

नाम- पी. दयाल श्रीवस्तव


जन्म- 4 अगस्त 1944 धरमपुरा दमोह {म.प्र.]

शिक्षा- वैद्युत यांत्रिकी में पत्रोपाधि

लेखन- विगत दो दशकों से अधिक समय से कहानी,कवितायें व्यंग्य ,लघु कथाएं लेख, बुंदेली लोकगीत,बुंदेली लघु कथाए,बुंदेली गज़लों का लेखन

कृतियां - दूसरी लाइन [व्यंग्य संग्रह]शैवाल प्रकाशन गोरखपुर से प्रकाशित, बचपन गीत सुनाता चल[बाल गीत संग्रह]बाल कल्याण एवं बाल साहित्य शोध केन्द्र भोपाल से प्रकाशित, बचपन छलके छल छल छल[बाल गीत संग्रह]बाल कल्याण एवं बाल साहित्य शोध केन्द्र भोपाल से प्रकाशित

सम्मान - राष्ट्रीय राज भाषा पीठ इलाहाबाद द्वारा "भारती रत्न "एवं "भारती भूषण सम्मान", श्रीमती सरस्वती सिंह स्मृति सम्मान वैदिक क्रांति देहरादून एवं हम सब साथ साथ पत्रिका दिल्ली, द्वारा "लाइफ एचीवमेंट एवार्ड", भारतीय राष्ट्र भाषा सम्मेलन झाँसी द्वारा" हिंदी सेवी सम्मान", शिव संकल्प साहित्य परिषद नर्मदापुरम होशंगाबाद द्वारा"व्यंग्य वैभव सम्मान", युग साहित्य मानस गुन्तकुल आंध्रप्रदेश द्वारा काव्य सम्मान।
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साहित्य शिल्पी
प्रकाश कुमार सिंह "अर्श" मूलत: बिहार के भोजपुर जिले के निवासी हैं और दिल्ली से एम.बी.ए. करने के उपरांत वर्तमान में वरिष्ठ प्रबंधक के तौर पर एक संस्थान में कार्यरत हैं।

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साहित्य शिल्पी" रचनाकार परिचय:-
१५ जुलाई १९८४ को फर्रुखाबाद में जन्मे प्रवीण कुमार शुक्ल रसायन विज्ञानं में स्नातक हैं और फिलहाल बवाना में नोकिया सेल्लुलर में बतौर ऍम.आई.एस. कार्यरत हैं।

कवितायें लिखने का शौक बचपन से है। कुछ ऐसा देख कर या सुन कर या महसूस कर जिससे हृदय की भावनाएं उद्वेलित होने लगें तो उन्हें शब्द देने का प्रयास करते रहते हैं।

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प्रकाश चंडालिया
  • Age: 43
  • Gender: Male
  • Astrological Sign: Scorpio
  • Zodiac Year: Snake
  • Industry: Communications or Media
  • Occupation: EDITOR
  • Location: kolkata : West Bengal : India

About Me

ख़ुद को जानने में समय लगाना व्यर्थ है, ख़ुद को रचने में लगने वाले समय का फिर भी अर्थ है

Interests

  • Likhte chalo
  • Padhte Chalo Badhte chalo. (Bhale Logo -TV dekhna kam karo
  • blogs padha karo)

Favorite Movies


  • Kranti
  • Ganga Jamuna
  • All films by Manoj Kumar and Raj Kapoor plus Lagaan
  • Taare Jamin Par by Aaamir khan

Favorite Music

  • Ravindra Jain and all old Musicians

Favorite Books

  • Shri Ram Charit Manas-by Tulsidas
  • Gunaho ka Devta by Dr. Dharam Veer Bharti
  • Saaye me Dhoop by Dushyant Kumar and self written book-Anandalok ka Pathik
  • which was forwarded by Dr. Hariom Pawar
  • noted Poet and released by Sri B.K.Birla and Mrs (Dr.)Sarla Birla


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राष्ट्रभाषा नव-साहित्यकार परिषद के संस्थापको मे से एक और वर्तमान मे महासचिव 17 दिसम्बर 1953 मे तत्कालीन जिला मेरठ और अब बागपत के गाँव मीतली मे जन्में पी. के. शर्मा याने पवनचंदनकी काव्य रचनाओ मे बागपत के खरबूजों की मिठास का रसास्वादन किया जा सकता है। कला स्नातक पवन चंदन का मन कवि महेन्द्र प्रसाद चातक की कविता सुन हिलोरें लेने लगा और उन्होने वर्ष 1974 मे लेखन की शुरूआत की। सन 1977 की जनता पार्टी की खिचड़ी सरकार पर दैनिक नवभारत टाइम्स में प्रकाशित कटाक्ष से प्रकाशन का जो क्रम आरंभ हुआ वो आज तक निरंतर जारी है

दो दल मिल जाएं आपस मे तो बन जाता है दल-दल
यहां तो छह छह मिल बैठें हैं होय लडाई हर पल
होय लडाई हर पल फंसी भंवर में गाड़ी

इस गाड़ी के ब्रेक मार जयी राजनारायण की दाढ़ी
जनता की सरकार यहाँ फस बैठी दल दल में
बेमौसम का मानसून जब आया जनता दल में

तत्पश्चात स्वर्गीय श्री राधेश्याम प्रगल्भ अवसर और श्री अशोक चक्रधर के प्रोत्साहन से पल्लवित काव्य रचनाओं की गूँज मंचो के माध्यम से जहाँ जहाँ तक सुनाई पड़ी चंदन की लेखनी की धार और व्यंग्य की तीखी मार की विद्वत्जनों द्वारा खूब सराहना की गयी। पहला मंच मिला दिल्ली की महावीर वाटिका मे, जिसमें सान्निध्य रहा काका हाथरसी, देवराज दिनेश, माणिक वर्मा सरीखे दिग्गज कवियों का और चंदन की तत्कालीन गृहमंत्री चौधरी चरण सिंह के बीमार होने उनकी कारगुजारियों पर सुनाई गयी व्यंग्य की इन पंक्तियों ने खूब वाह वाह लूटी कि

तबियत मचली मंत्री जी की हालत डांवाडोल
दिल का दर्द उठा था उनको नही सके बोल
नही सके बोल के कैसा दर्द है उनका
डॉक्टर बोले झट से ले लो एक्सरे इनका
लिया एक्सरे समझे चंदन कैसा दर्द है मंत्री का
हड्डी-पसली कुछ नही आई फोटो आया इंदिरा जी का

इस कार्यक्र्म का संचालन किया प्रगल्भ जी ने। सिर्फ गद्द ही नहीं पद्द मे भी भरपूर लिख छप रहे है। इनके व्यंग्य पाठकों को इतने अदिक भाये कि उन्होने अपने नाम से राष्ट्रीय स्तर के अखबारों मे अपने नाम से छपवाये। जिसके लिये अखबारो ने खेद व्यक्त किया। इनकी रचनायें राष्ट्रीय सहारा, बालवाणी, नई दुनिया, अमर उअजाला, दैनिक ट्रिब्यून इत्यादि मे खूब छप रही है। कलमवाला, फिल्म फैशन संसार पत्रिकाओं मे संपादकिय विभाग से जुडे रहे।तेतालाऔर नवें दशक के प्रगतिशील कवि काव्य संग्रह के एक प्रमुख हस्ताक्षर। संप्रति भारतीय रेल सेवा से संबंद्ध।


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प्राण शर्मा का जन्म १३ जून १९३७ को वजीराबाद (वर्तमान पाकिस्तान) में हुआ था. प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली में. पंजाब विश्वविद्यालय से एम.ए.(हिन्दी). १९५५ से लेखन . फिल्मी गीत गाते-गाते गीत , कविताएं और ग़ज़ले कहनी शुरू कीं.

१९६५ से ब्रिटेन में.

१९६१ में भाषा विभाग, पटियाला द्वारा आयोजित टैगोर निबंध प्रतियोगिता में द्वितीय पुरस्कार. १९८२ में कादम्बिनी द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय कहानी प्रतियोगिता में सांत्वना पुरस्कार. १९८६ में ईस्ट मिडलैंड आर्ट्स, लेस्टर द्वारा आयोजित कहानी प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार.

लेख - 'हिन्दी गज़ल बनाम उर्दू गज़ल" पुरवाई पत्रिका और अभिव्यक्ति वेबसाइट पर काफी सराहा गया. शीघ्र यह लेख पुस्तकाकार रूप में प्रकाश्य.

२००६ में हिन्दी समिति, लन्दन द्वारा सम्मानित.
"गज़ल कहता हूं' और 'सुराही' - दो काव्य संग्रह प्रकाशित.


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साहित्य शिल्पी के कुछ प्रमुख रचनाकार

अजय कुमार अजय अक़्स
अखिलेश अजय यादव
अदिति मजुमदार डॉ॰ अंजना संधीर
अनवार आलम अनिल कान्त
डॉ. अनिल चड्डा अनिल पाराशर
अनिल पुसदकर अनुपमा चौहान
अब्दुल रहमान मन्सूर अभिषेक “कार्टूनिस्ट"
अभिषेक सागर अम्बरीष श्रीवास्तव
अमन दलाल अमित कुमार राणा
अमितोष मिश्रा डॉ० अरविन्द मिश्र
अलबेला खत्री अवनीश एस. तिवारी
अविनाश वाचस्पति प्रो. अश्विनी केशरवानी
डॉ. अ. कीर्तिवर्धन
डॉ० सुरेश तिवारी सुरेश शर्मा
संदीप कुमार सीमा सचदेव
संगीता पुरी सुमन बाजपेयी
संजीव सुशील कुमार
समीर लाल संजीव वर्मा "सलिल"
सुधा भार्गव डॉ० सुधा ओम ढींगरा
सत्यजीत भट्टाचार्य सुभाष नीरव
सतपाल ख्याल सुशील छोक्कर
सुनीता चोटिया सुषमा गर्ग
संजीव तिवारी सूरज प्रकाश
स.र. हरनोट सुदर्शन प्रियदर्शनी
सनत कुमार जैन सुमित सिंह
सुमन 'मीत' सुषमा झा
सुलभ 'सतरंगी' डॉ० सुभाष राय
डॉ० मोहम्मद साजिद खान संगीता मनराल
संजय जनांगल सरोज त्यागी

स्लाईड शो...

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साहित्य शिल्पी, हिन्दी और साहित्य की सेवा का मंच, एक ऐसा अभियान.. जो न केवल स्थापित एवं नवीन रचनाकारों के बीच एक सेतु का कार्य करेगा अपितु अंतर्जाल पर हिन्दी के प्रयोग और प्रोत्साहन का एक अभिनव सोपान भी है अपने सुधी पाठको के समक्ष कविता, कहानी, लघुकथा, नाटक, व्यंग्य, कार्टून, समालोचना तथा सामयिक विषयो पर परिचर्चाओं के साथ साहित्य शिल्पी समूह आपके समक्ष उपस्थित है। यदि राष्ट्रभाषा हिदी की प्रगति के लिए समर्पित इस अभियान में आप भी सहयोग देना चाहते हैं तो अपना परिचय, तस्वीर एवं कुछ रचनायें हमें निम्नलिखित ई-मेल पते पर प्रेषित करें। [email protected] आईये कारवां बनायें..